केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी और मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तीन राज्यों में व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है और यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विजयन सरकार के लिए यह जांच सिरदर्द साबित हो सकती है।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में कुल 21 स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी अभियान चलाया गया।
सूत्रों का कहना है कि बेंगलुरु में मुख्य आरोपित उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। इसके अलावा कुछ ज्वेलर्स के ठिकानों पर भी छापे मारे गए।
राजनीतिक महत्व
सबरीमाला मंदिर से जुड़ा सोना चोरी मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। अब ईडी की छापेमारी ने इसे चुनावी माहौल में और अधिक संवेदनशील बना दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
आगे की जांच
ईडी ने कहा है कि छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में धन शोधन के कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।


