छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों के बीच भाड़ा, लोडिंग और वसूली को लेकर उत्पन्न विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। इसी कारण स्थानीय पुलिस ने हमीरपुर टपरिया बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है।
इस निर्णय का सीधा असर कोल परिवहन पर पड़ा है। दोनों राज्यों से रायगढ़ की ओर आने-जाने वाले करीब एक हजार ट्रक-ट्रेलर सीमावर्ती क्षेत्रों में खड़े हो गए हैं। परिवहन ठप होने से उद्योग जगत और स्थानीय कारोबारियों में चिंता का माहौल है।
हालिया घटना
कुछ दिन पहले हमीरपुर बॉर्डर पर ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों ने छत्तीसगढ़ के मालवाहक वाहन चालकों से मारपीट की थी। इस दौरान 15 हजार रुपये की लूटपाट और चालकों को बंधक बनाने की घटना भी हुई।
सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी कमला पुसान मौके पर पहुंचे और बंधकों को मुक्त कराया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बंटी डालमिया सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। अन्य अज्ञात लोगों पर भी अपराध दर्ज किया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई
स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने एहतियातन बॉर्डर सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक विवाद शांत नहीं होता और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक बॉर्डर पर आवागमन नियंत्रित रहेगा।
यह विवाद न केवल परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उद्योगों में कोयले की आपूर्ति पर भी असर डाल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ सकता है।


