बाहरी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 में सात प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। केयरएज रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आर्थिक वृद्धि को कम महंगाई, रेपो रेट में कमी और टैक्स के बोझ में राहत जैसे कारकों से मजबूती मिलेगी।
निर्यात पर असर
रेटिंग एजेंसी ने स्पष्ट किया कि टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण भारत का वस्तु निर्यात दबाव में है। हालांकि, सेवा निर्यात में लगातार वृद्धि से अर्थव्यवस्था को सहारा मिलने की संभावना है।
घरेलू कारक बने मजबूत
सरकार के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था तुलनात्मक रूप से मजबूत दिखाई दे रही है। इस दौरान जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। केयरएज रेटिंग्स ने कहा कि वैश्विक आर्थिक माहौल में उथल-पुथल के बावजूद घरेलू कारक स्थिर और मजबूत बने हुए हैं।
निष्कर्ष
भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सेवा क्षेत्र का विस्तार, महंगाई पर नियंत्रण और वित्तीय नीतियों में सुधार आने वाले वर्षों में विकास को गति देने वाले प्रमुख कारक साबित हो सकते हैं।


