स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग सुधारने को सख्त हुआ नगर निगम, कूड़ा फैलाने वाली सोसायटियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

3.0kViews
1798 Shares

स्वच्छ सर्वेक्षण में देशभर में 10वां स्थान और प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल करने के बाद अब नगर निगम ने अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में कमर कस ली है। रैंकिंग सुधारने और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए निगम प्रशासन ने कूड़ा प्रबंधन को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है।

नगर निगम की नजर अब उन कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों पर है, जहां निजी सफाई कर्मियों के माध्यम से कूड़ा निस्तारण किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कचरा सड़क किनारे या किसी सार्वजनिक स्थल पर फेंक दिया जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित सफाई कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, जबकि संबंधित सोसायटियों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने की तैयारी है।

नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम की टीमें गलियों, बस्तियों, कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके साथ ही विशेष सफाई अभियान, भवन निर्माण के बाद बची सामग्री को हटाने और अन्य स्वच्छता संबंधी अभियानों को भी चलाया जा रहा है।

यमुना घाटों की सफाई के लिए प्लॉग रन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, वहीं प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अब कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित सोसायटियों को अपने स्तर पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी। गीला, सूखा और हानिकारक कचरा अलग-अलग करने की अनिवार्यता होगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और संबंधित सोसायटियों से जुर्माना वसूला जाएगा। हालांकि, यदि कोई संस्था सहयोग चाहती है तो नगर निगम अपने वाहनों के माध्यम से कूड़ा संग्रहण के लिए समन्वय भी करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *