रविवार को गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई यातायात उस समय सुर्खियों में आ गया, जब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू, दोनों तरह की उड़ानों को अलग-अलग कारणों से अपने निर्धारित गंतव्य पर उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। इन घटनाओं के चलते यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जबकि गया एयरपोर्ट की रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय उपयोगिता भी सामने आई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोलकाता से गया आ रही एक नियमित घरेलू उड़ान उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का सामना करने के कारण गया में लैंड नहीं कर सकी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए पायलट ने विमान को वापस कोलकाता एयरपोर्ट डायवर्ट करने का निर्णय लिया। बाद में तकनीकी जांच के पश्चात वही विमान दोपहर करीब 2:30 बजे गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतरा।
बताया गया कि यह घरेलू उड़ान प्रतिदिन पूर्वाह्न 11:40 बजे गया एयरपोर्ट पर लैंड करती है। रविवार को भी विमान तय समय पर कोलकाता से रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान के दौरान आई तकनीकी समस्या के चलते गया में उतरने की अनुमति नहीं दी गई।
इसी दौरान, एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को भी गया एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा। बैंकॉक से काठमांडू जा रही विमान संख्या 184 को नेपाल के काठमांडू एयरपोर्ट पर खराब विजिबिलिटी के कारण लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विमान को गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग करानी पड़ी।
करीब 4:10 बजे मौसम और दृश्यता सामान्य होने के बाद यह अंतरराष्ट्रीय विमान गया से नेपाल के लिए रवाना हुआ।
इन घटनाओं से एक ओर जहां यात्रियों को अस्थायी परेशानी हुई, वहीं दूसरी ओर गया एयरपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय आपात लैंडिंग केंद्र के रूप में अपनी अहम भूमिका भी निभाई।

