अप्रैल 2018 से भागलपुर से गांधीधाम के बीच संचालित साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के संचालन को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के इस फैसले के तहत इस ट्रेन की टिकट बुकिंग 09 मार्च से बंद कर दी जाएगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय रही है और लगभग पूरे साल इसमें अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती थी।
यात्रियों का कहना है कि यह साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन किसी भी तरह से घाटे में नहीं थी। नियमित रूप से पर्याप्त संख्या में यात्री सफर कर रहे थे, बावजूद इसके ट्रेन को बंद करने का निर्णय कई सवाल खड़े कर रहा है। खासकर लंबी दूरी की इस ट्रेन के बंद होने से बिहार और गुजरात के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे के फैसले को लेकर उठ रहे सवालों पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिवराम मांझी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि भागलपुर–गांधीधाम कोई एकमात्र ट्रेन नहीं है, बल्कि मार्च के बाद देशभर में चल रही सभी स्पेशल ट्रेनों की रेलवे बोर्ड स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
सीपीआरओ के अनुसार, रिव्यू के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या, भीड़ की स्थिति और यात्रियों की जरूरत जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखा जाएगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन मार्गों पर स्पेशल ट्रेनें जारी रखी जाएं और किन्हें बंद किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में मांग बढ़ती है, तो भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन का दोबारा संचालन किया जा सकता है।
रेलवे ने यह भी साफ किया कि इस समीक्षा प्रक्रिया में छठ पूजा स्पेशल ट्रेनें शामिल नहीं हैं। पूजा समाप्त होने के बाद यात्रियों की भीड़ कम होने पर छठ स्पेशल ट्रेनों का संचालन पहले ही बंद किया जा चुका है। ऐसे में भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन को बंद करने का निर्णय एक व्यापक नीति समीक्षा का हिस्सा बताया जा रहा है।

