सोनपुर मेला क्षेत्र का गाय बाजार इन दिनों कलात्मक आभा से जगमगा रहा है। राजस्थान के जोधपुर से आए मूर्तिकारों की टीम यहां कला और विद्या की देवी मां सरस्वती की आकर्षक मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आगामी 23 जनवरी को होने वाली सरस्वती पूजा की तैयारियां चरम पर हैं।
जैसे-जैसे मूर्तियों में रंग और सजावट भरी जा रही है, उनकी सजीवता राहगीरों को ठहरने और उनकी प्रशंसा करने पर मजबूर कर रही है। पूजा के करीब आते-आते अधिकतर मूर्तियों की बिक्री पहले ही हो जाती है। इस बार भी कई मूर्तियां पहले से ही बुक हो चुकी हैं।
मूर्तिकारों का कहना है कि यह लाखों रुपये का कारोबार उनके परिवार की रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ है। इस काम के लिए उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करनी पड़ती है। उनका प्रयास है कि हर वर्ष मूर्तियों में निखार और आकर्षण बनाए रखा जाए, ताकि खरीदार और श्रद्धालु दोनों ही संतुष्ट रहें।
सोनपुर मेला के आयोजक और स्थानीय व्यापारी भी इस रौनक से उत्साहित हैं और मानते हैं कि सरस्वती पूजा के समय बाजार में उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ जाती है, जिससे आर्थिक गतिविधियां सक्रिय रहती हैं।

