केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देशभर में ड्रग्स के खतरे को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से तीन साल के राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की। यह अभियान 31 मार्च से शुरू होगा और इसके तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नारको-कोआर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 9वीं शीर्ष स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस सामूहिक अभियान के दौरान ड्रग्स के मामलों पर समयबद्ध समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उनका यह अभियान न केवल नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नशीली दवाओं के नेटवर्क को समाप्त करने पर भी केंद्रित होगा।
साथ ही इस अवसर पर गृह मंत्री ने अमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कार्यालय का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिए कि अभियान के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में समन्वय और निगरानी के लिए त्वरित उपाय किए जाएं, ताकि नशीली दवाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
केंद्र सरकार का यह कदम ड्रग्स की लत और इसके सामाजिक एवं कानूनी प्रभावों से निपटने के लिए निर्णायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

