भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों, उनके घरों और व्यवसायों पर लगातार हमलों का एक सिलसिला देखा जा रहा है।
जायसवाल ने कहा कि ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं के पीछे बाहरी कारणों को जोड़ने के प्रयास चिंताजनक हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय है कि सभी जिम्मेदार पक्ष इन घटनाओं को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर प्रवक्ता ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद के नाम पत्र लिखने पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अन्य लोकतांत्रिक देशों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए। गौरतलब है कि भारतीय मूल के ममदानी ने पिछले महीने अमेरिका में उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात के दौरान एक हस्तलिखित पत्र सौंपा था।
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी देश में अपने नागरिकों के खिलाफ अन्यायपूर्ण हस्तक्षेप को गंभीरता से देखता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।

