दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अलग-अलग अल्पसंख्यक स्कूलों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है, जिसके तहत प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए अब सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (LG) को नोटिस जारी किया है और स्कूलों की याचिकाओं पर जवाब मांगा। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।
साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ता स्कूल मैनेजमेंट को निर्देश दिया कि वे छह हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। यह मामला निजी स्कूलों की फीस संरचना और सरकार की नियामक भूमिका से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।

