स्मार्ट प्रीपेड मीटर में खामी बरकरार, रिचार्ज के बाद भी एक लाख से अधिक मीटर दिखा रहे शून्य बैलेंस

3.0kViews
1133 Shares

स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में तकनीकी खामियों को लेकर उठ रहे सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के कार्यक्षेत्र में आने वाले बिजली उपभोक्ताओं के एक लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर ऐसे पाए गए हैं, जिनमें रिचार्ज कराने के बावजूद बैलेंस शून्य दिख रहा है। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की शिकायतें सामने आई हैं।

बैलेंस शून्य दिखने के चलते बिजली गुल होने की स्थिति ने उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है। इसे गंभीर मामला बताते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। परिषद का कहना है कि इस तरह की तकनीकी खामियां उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान कर रही हैं और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था पर भी असर डाल रही हैं।

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। परिषद का आरोप है कि बिना पर्याप्त तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता जांच के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि दोषी एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत दी जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *