बांदा जिले के कालिंजर कस्बे में पांच साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में अदालत ने कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बांदा की पाक्सो कोर्ट ने इस जघन्य अपराध के दोषी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। खास बात यह रही कि अदालत ने महज 56 दिनों के भीतर पूरे मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया।
यह बीते तीन महीनों के भीतर दूसरा मौका है, जब किसी दुष्कर्म के मामले में दोषी को फांसी की सजा दी गई है। अदालत के इस फैसले को न्याय की त्वरित और सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
पड़ोसी युवक ने दिया वारदात को अंजाम
घटना 25 जुलाई की है, जब कालिंजर कस्बे के एक मोहल्ले में रहने वाला आरोपी युवक अमित रैकवार पांच साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। आरोप है कि वहां उसने मासूम के साथ निर्ममता से दुष्कर्म किया।
घटना के बाद बच्ची किसी तरह घर पहुंची और रोते हुए अपनी आपबीती स्वजनों को बताई। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पहले सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
24 घंटे में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। 24 घंटे के भीतर पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी अमित रैकवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक पर चली और पाक्सो कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।
इस फैसले को बाल यौन अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

