केशवपुरम क्षेत्र में गेस्ट हाउस संचालकों द्वारा फुटपाथ और सड़क पर अवैध कब्जा कर पार्किंग बनाने से रोजाना लगने वाले जाम को लेकर नगर निगम ने पहली बार सख्त कदम उठाया है। जोन-6 के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में सात अतिक्रमणकारियों पर कुल चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसके बाद इलाके में असर भी देखने को मिला।
कार्रवाई के बाद गेस्ट हाउस संचालकों और कुछ दुकानदारों ने फुटपाथ से अपना कब्जा हटा लिया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। हालांकि, नगर निगम के छह जोनों में से सिर्फ एक जोन को छोड़कर अन्य पांच जोनों में अतिक्रमण के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इन इलाकों में अब भी फुटपाथों पर कब्जा है और मलबा सड़क तक फैला हुआ है, जिससे लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
जोन-6 में रोज निरीक्षण, दिखने लगा असर
जोन-6 के अधिशासी अभियंता आर.के. सिंह ने हाल ही में केशवपुरम में सात अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला था। इसके साथ ही उनकी टीम द्वारा नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है, जिसका असर यह हुआ है कि आसपास के इलाकों में भी कब्जे हटने लगे हैं।
हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद लापरवाही
दूसरी ओर, हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नगर निगम के कई अधिकारी अतिक्रमण हटाने में सुस्ती दिखा रहे हैं। प्रमुख बाजारों की सड़कों को अब तक अतिक्रमणकारियों से मुक्त नहीं कराया जा सका है।
पी रोड, गुमटी नंबर-5, सीसामऊ, चावला मार्केट गोविंदनगर, बेकनगंज, लालबंगला, मेस्टन रोड, मूलगंज और दलेलपुरवा जैसे व्यस्त बाजारों में अतिक्रमण के कारण आमजन का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
फुटपाथ बने शोरूम और पार्किंग
शहर में कई गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और नर्सिंग होम संचालकों ने फुटपाथ और सड़क तक घेर रखी है। बड़े दुकानदारों ने फुटपाथों को शोरूम में तब्दील कर दिया है। 80 फीट रोड पर कई गेस्ट हाउसों द्वारा फुटपाथ पर कब्जा किया गया है, जबकि एक होटल संचालक ने तो फुटपाथ पर पिलर तक खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित जोनों के अधिशासी अभियंताओं को जनता की परेशानी नजर नहीं आ रही और नगर आयुक्त के निर्देशों को भी गंभीरता से लागू नहीं किया जा रहा है।

