उत्तर प्रदेश सरकार ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री और उससे जुड़ी कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य मंत्रिमंडल ने उन सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं को मंजूरी दे दी, जो उत्तर प्रदेश में 3,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने की इच्छुक हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करना, आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश से उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभर सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 14 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से 13 प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
सरकार का यह निर्णय ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती देने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश से न सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।

