तिलोई मेडिकल कॉलेज और सिंहपुर ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क का उच्चीकरण और पांच मीटर चौड़ीकरण हुए तीन वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इस मार्ग पर बने नहर और नालों के पुलों की चौड़ाई अब तक नहीं बढ़ाई गई। नतीजतन, इन संकरे पुलों से गुजरते समय आमजन और वाहन चालकों को हर पल दुर्घटना का डर सताता रहता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क तो आधुनिक मानकों के अनुरूप चौड़ी कर दी गई, लेकिन पुलों की अनदेखी के कारण यह मार्ग अब जानलेवा बनता जा रहा है। खासकर ठंड और घने कोहरे के मौसम में पुलों से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। आमने-सामने से वाहन आने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
लगातार शिकायतों और मांगों के बावजूद संबंधित विभाग अब तक पुलों की चौड़ाई बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
17.64 करोड़ की लागत से बनी सड़क, लेकिन पुल रह गए संकरे
करीब 13 किलोमीटर लंबे तिलोई–सिंहपुर मार्ग का उच्चीकरण, चौड़ीकरण और नवनिर्माण वर्ष 2022-23 में 17 करोड़ 64 लाख 88 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। इसी मार्ग पर रस्तामऊ रजबहा क्षेत्र में सीतापुर और कटोरवा नहर पुल, तथा गुमिया ड्रेन पर बने दो छोटे स्केप नाला पुल मौजूद हैं।
इन पुलों की चौड़ाई महज साढ़े तीन से चार मीटर है, जबकि सड़क की चौड़ाई पांच मीटर कर दी गई है। ऐसे में चौड़ी सड़क पर अचानक संकरे पुल आने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

