गर्मी के मौसम में शहर में पानी की खपत तेजी से बढ़ जाती है, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बढ़े हुए दबाव के कारण कई इलाकों में नलकूप जवाब देने लगते हैं। कहीं पानी का प्रेशर कम हो जाता है तो कहीं दूषित जलापूर्ति की समस्या सामने आती है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए पुराने नलकूपों की मोटरें भी बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन समस्याओं को देखते हुए नए साल में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए जलकल विभाग ने एक व्यापक योजना तैयार की है। योजना के तहत शहर में संचालित करीब 150 नलकूपों की मोटरें बदली जाएंगी, जो लगभग 20 साल पुरानी हो चुकी हैं और अपनी क्षमता खो चुकी हैं।
जलकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुरानी मोटरों के कारण जलापूर्ति बार-बार बाधित होती है, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित होती है। नई मोटरों के लगने से नलकूपों की क्षमता बढ़ेगी, पानी का दबाव बेहतर होगा और दूषित जलापूर्ति की शिकायतों में भी कमी आएगी।
इस योजना के लागू होने के बाद शहर की करीब डेढ़ लाख आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विभाग का दावा है कि समय रहते यह काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि गर्मी के चरम समय में लोगों को पानी की किल्लत से जूझना न पड़े।

