बंगाल के सरकारी आरजी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में हुए आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे अनिकेत महतो ने शुक्रवार को गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के उद्देश्य से गठित वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम (WBJDF) का गठन अलोकतांत्रिक और अनुचित तरीके से किया गया, क्योंकि न्यास के सभी सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया गया था।
महतो ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से आरजी कर पीड़िता और उनके परिजनों के साथ अन्याय हुआ। इसी कारण उन्होंने डब्ल्यूबीजेडीएफ के न्यासी मंडल से इस्तीफा दे दिया।
ज्ञात हो कि WBJDF का गठन 9 अगस्त 2024 को किया गया था, जो महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना के ठीक एक दिन बाद हुआ। महतो के इस बयान के बाद फोरम की कार्यप्रणाली और आंदोलन के तरीके पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

