कोहरे ने फीका किया नए साल का मजा, 148 उड़ानें रद; एयरपोर्ट पर ही इंतजार करते रह गए यात्री

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दिल्ली समेत एनसीआर में घने कोहरे ने नए साल की पूर्व संध्या पर हवाई यातायात की कमर तोड़ दी है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआइ) एयरपोर्ट पर बुधवार को दृश्यता शून्य के करीब पहुंचने से हजारों यात्रियों का नए साल का सफर दु:स्वप्न में बदल गया। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण बुधवार को 148 उड़ानें रद कर दी गईं, जबकि 350 से अधिक उड़ानें घंटों विलंबित रहीं।

साल के अंतिम दिन इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद होने से उन यात्रियों की छुट्टियों का आनंद फीका पड़ गया, जो अपने परिवार के साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर जश्न मनाने के लिए निकले थे। बुधवार को इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस के यात्री टर्मिनल के अंदर घंटों फंसे रहे, जिससे भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अब इन यात्रियों को पर्यटन स्थलों के बजाय एयरपोर्ट टर्मिनल के ठंडे फर्श और बेंचों पर बैठकर उड़ान का इंतजार करना पड़ रहा है।

इंटरनेट मीडिया पर फूटा यात्रियों का गुस्सा

उड़ानों में देरी और रद होने से परेशान यात्रियों ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना दर्द साझा किया। अमित अरोड़ा नामक यूजर ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए लिखा, 150 उड़ानें रद, दिल्ली से हमारे नए साल के जश्न के सारे प्लान अब खत्म हो चुके हैं। वहीं, आर्यन गाला नामक यूजर ने इंडिगो एयरलाइंस को टैग करते हुए अपनी परेशानी बताई।

उन्होंने लिखा कि दिल्ली टर्मिनल-1 पर उनकी फ्लाइट (6ई 6758) तीसरी बार देर होकर शाम पांच बजे तक खिसक गई है।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालु बेहाल

रद की गई 70 प्रस्थान उड़ानों में अधिकांश उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के लिए थीं। इनमें अमृतसर, काशी (वाराणसी), अयोध्या, कटरा और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है, जो नए साल पर दर्शन-पूजन के लिए निकले थे। लेकिन नये साल पर उनका अपने अराध्य के दर्शन का सपना अधूरा रह गया।

ज्ञात हो कि कोहरे के कारण पिछले तीन दिनों में दिल्ली में कुल 394 उड़ानें रद हो चुकी हैं। इस दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर लगाया गया कैट 3 सिस्टम भी बेअसर साबित हो रहा है। बुधवार सुबह भी रनवे पर दृश्यता पर 50 से 100 मीटर तक गिर गई। ²श्यता इतनी कम थी कि अत्याधुनिक कैट 3 लैंडिंग सिस्टम के बावजूद उड़ानों का संचालन संभव नहीं हो सका।

पहाड़ों में शीतलहर तो मैदानों में कोहरे का प्रकोप

कश्मीर के उच्च पर्वतीय इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रही, लेकिन उत्तराखंड में इंद्रदेव की बेरुखी से इस बार शीतकाल में वर्षा-बर्फबारी का इंतजार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में शीतलहर तो उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भीषण कोहरे के प्रकोप बना हुआ है। हरियाणा में नए साल के पहले दिन प्रदेश में कोहरे और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। चार जिलों में कोहरे का आरेंज अलर्ट तो नौ में वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान में ठंड का प्रकोप है। बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। राज्य में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार सुबह जैसलमेर में इस सर्दी की पहली बारिश हुई।

पंजाब में बुधवार को दिनभर धुंध छाई रही। धुंध के चलते ²श्यता 50 मीटर से भी कम रहने कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। झारखंड में गुरुवार और शुक्रवार के लिए कई हिस्सों में घने कोहरे को लेकर ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। राज्य में गुमला का न्यूनतम तापमान सबसे कम 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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