6 बीयर पीने की बात करना इस बड़े खिलाड़ी को पड़ा भारी! टीम से हो गए बाहर

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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज शुरू होने जा रही है। पहला टेस्ट 21 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा। लेकिन टीम के ऐलान के साथ ही सभी की नजरें एक नाम पर टिक गईं—मिचेल मार्श। वनडे और टी20 टीम के कप्तान होने के बावजूद मार्श को पहले टेस्ट की टीम में जगह नहीं मिली। माना जा रहा है कि उनकी हालिया “6 बीयर वाली टिप्पणी” इस फैसले की बड़ी वजह बनी।

क्या था मिचेल मार्श का विवादित बयान?

पिछले महीने मार्श ने एक इंटरव्यू में मजाक करते हुए कहा था—“पर्थ टेस्ट के पहले दिन लंच तक मैं 6 बीयर पी चुका होऊंगा.” यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट प्रशंसकों, पूर्व खिलाड़ियों और प्रेस में इस पर काफी हंगामा हुआ। कहा गया कि यह टिप्पणी टेस्ट मैच की गंभीरता और टीम की छवि के खिलाफ है—और शायद यही मजाक अब उनके करियर पर भारी पड़ गया।

सेलेक्टर्स ने क्या कहा? जॉर्ज बेली का बड़ा बयान

ऑस्ट्रेलिया के चीफ सेलेक्टर जॉर्ज बेली ने टीम चुनने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर कहा: “हम आईसीसी से बात कर रहे थे क्योंकि अंपायरों के लिए मैदान में ब्रेथलाइज़र ले जाना संभव नहीं। अगर मार्श पहली गेंद फेंके जाने तक 6 बीयर पी चुके होंगे, वह मुश्किल वाली बात होगी।”

यह बात उन्होंने हंसते हुए कही, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है— यह हंसी- मजाक नहीं, बल्कि साफ संकेत था कि ऐसे बयान चयन को प्रभावित करते हैं।

मार्श आखिरी बार कब टेस्ट खेले थे?

उन्होंने दिसंबर 2024 में भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेला था। उसके बाद से उन्हें टेस्ट टीम में लगातार मौका नहीं मिला। उन्होंने अब तक 46 टेस्ट, 2083 रन और 51 विकेट लिए हैं। मार्श टेस्ट में ऑलराउंडर की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन लंबे समय से टीम संयोजन और फॉर्म दोनों उनके खिलाफ रहे हैं।

माइकल वॉन का सुझाव और मार्श का रिएक्शन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा था कि मार्श को एशेज के पहले टेस्ट में “ओपनिंग” करनी चाहिए। इस पर मार्श ने फिर मजाक में कहा— “एशेज को लेकर मेरे दिमाग में सिर्फ इतना है कि मेरे पास पहले दो दिन के टिकट हैं।” यानी वह खुद भी टेस्ट टीम में स्लॉट मिलने की संभावना को लेकर गंभीर नहीं लगे।

क्यों माना जा रहा है कि टिप्पणी ने ही जगह छीनी?

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) टेस्ट क्रिकेट को बहुत गंभीरता से लेता है। पर्थ टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला है—जहां टीम को अनुशासन और संतुलन चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है:

  • टीम को पहले टेस्ट में स्थिरता चाहिए
  • कप्तान पैट कमिंस चोटिल हैं
  • नया नेतृत्व (स्टीव स्मिथ) जोखिम नहीं लेना चाहता
  • एक वायरल “शराब वाला बयान” चयन पर गलत असर डालेगा

इसलिए मार्श की जगह किसी सुरक्षित विकल्प को चुना गया।

कौन कर रहा है टीम की कमान?

पैट कमिंस चोटिल होने के चलते बाहर हैं, इसलिए कप्तानी का जिम्मा स्टीव स्मिथ को दिया गया है।

टीम चयन के संदर्भ में क्यों हुआ बड़ा असर?

मिचेल मार्श भले ही टी20 और वनडे में ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े मैच-विनर हैं,
लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में:

  • फिटनेस स्थिर नहीं
  • निरंतरता की कमी
  • विवादित बयान ने दबाव बढ़ाया

ऐसे में सेलेक्टर्स ने उन्हें पहले टेस्ट में मौका नहीं दिया।

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