हनुमान जी की लीला… हमीरपुर में चोरी हुई हनुमान प्रतिमा ने दिलाया चोर का सुराग, अब तालाब में तलाश

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हमीरपुर के न्यूरिया गांव के बाहर बने मंदिर से हनुमान मूर्ति के चोरी होने से ग्रामीणों में खलबली मच गई। इसकी सूचना पुलिस को लगी। वहीं पूछताछ में एक युवक का पता चला। उसने मूर्ति चोरी करने की बात कबूली। उससे पूछताछ के बाद तालाब में तलाश की जा रही है।

ग्राम प्रधान की सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस बल के साथ मौदहा सीओ ने ग्रामीणों से पूछताछ कर एक युवक को हिरासत में लिया है। पूछताछ में युवक ने पुलिस को अलग अलग स्थानों पर मूर्ति होने की बात कहते हुए करीब दो घंटे तक परेशान किया। युवक द्वारा तालाब में मूर्ति होने की बात कहने पर करीब एक घंटे तक वहां भी सर्च आपरेशन चला। लेकिन अभी तक मूर्ति का सुराग नहीं लग सका है। इस दौरान पुलिस ने उस युवक को भी तालाब में ले जाकर मूर्ति के बारे में पूछताछ की, जिसे हिरासत में लिया गया है।

तीन फीट की प्रतिमा

बिवांर थाना क्षेत्र के न्यूरिया गांव के बाहर कुनेहटा गांव की ओर तालाब के किनारे एक हनुमान मंदिर स्थापित है। जिसमें गांव निवासी बिल्लू पुजारी का काम करते हैं। सुबह मंदिर की सफाई करते समय उन्हें हनुमान जी की करीब तीन फीट ऊंची मूर्ति गायब मिली। मूर्ति गायब देखकर पुजारी भौचक्के रहे गए। पुजारी ने घटना की सूचना ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों की दी। प्रधान की सूचना पर चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार, थाना अध्यक्ष नंदराम प्रजापति पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही मौदहा सीओ राजकुमार पांडेय भी मौके पर पहुंच गए।

 

दो घंटे तक गुमराह किया

सीओ ने गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों से जानकारी ली। जिस पर ग्रामीणों ने गांव निवासी रामबहादुर पुत्र स्वामीदीन द्वारा कुछ वर्ष पूर्व भगवान शंकर की मूर्ति खंडित करने की बात बताई गई। जब पुलिस ने उसके घर में जाकर देखा तो उसके कपड़ों में सिंदूर लगा था। जिस पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मूर्ति के बारे में पूछताछ शुरू की। उसने पुलिस को करीब दो घंटे तक गुमराह कर रखा। कभी मूर्ति तालाब में होने की बात कहता रहा तो कभी अन्य स्थान में मूर्ति होने की बात कहता दिखा। पुलिस युवक को थाने ले आई है।

 

30 वर्ष पहले हुई मंदिर की स्थापना

ग्राम प्रधान कन्हैया दीक्षित ने बताया कि मंदिर की स्थापना करीब 30 वर्ष पहले की गई थी। मौदहा सीओ राजकुमार पांडेय ने बताया कि जिस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, वह मंदबुद्धि है। अभी तक मूर्ति बरामद नहीं हुई है, खोज जारी है। जल्द ही मूर्ति बरामद कर उे पुन: स्थापित मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

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