हर साल की तरह 2025 में भी ट्रैवल और टूरिज्म की दुनिया में नए ट्रेंड्स (Travel Trends 2025) सामने आए हैं। अब छुट्टियां सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि लोग अपनी रुचि, मानसिक शांति, सस्टेनेबिलिटी और एक्सपीरियंस के आधार पर वेकेशन प्लान कर रहे हैं।
इन्हीं एक्सपीरिएंस के आधार पर ट्रैवल से जुड़े नए-नए शब्द चर्चा में आए हैं। अगर आप भी आने वाले समय में कहीं जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन टर्म्स को जानना आपके लिए जरूरी है। आइए जानें साल 2025 की ट्रैवल वोकैबुलरी।
नॉकटूरिज्म (Noctourism)
नॉकटूरिज्म यानी रात के समय घूमने का ट्रेंड। इसमें लोग दिन की बजाय रात में ट्रैवल करना पसंद कर रहे हैं। इसमें स्पूकी नाइट वॉक्स, भूतिया कहानियों से जुड़े टूर, नाइट सफारी या ‘डार्क थेरेपी’ जैसे एक्सपीरियंस शामिल हैं, जहां लोग घंटों अंधेरे में बैठकर खुद से जुड़ने की कोशिश करते हैं। भीड़-भाड़ से दूर और अलग अनुभव की चाह रखने वालों के बीच यह ट्रेंड तेजी से पॉपुलर हो रहा है।
पॉप कल्टिंग (Popculting)
पॉप कल्टिंग उन लोगों के लिए है, जो फिल्मों और टीवी सीरिज के दीवाने हैं। इसमें लोग अपनी फेवरेट मूवी या वेब सीरिज की शूटिंग लोकेशन देखने जाते हैं। जैसे, ‘Emily in Paris’ की वजह से पैरिस जाना या किसी फेमस सीरिज के कारण किसी खास शहर को एक्सप्लोर करना। यह ट्रेंड खासतौर पर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच लोकप्रिय है।
हशपिटैलिटी या क्वायटकेशन (Hushpitality / Quietcation)
शोर-शराबे और भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए लोग अब क्वायटकेशन चुन रहे हैं। इसमें शांत जगहों पर जाकर साफ हवा में सांस लेना, मोबाइल से दूरी बनाना और बिना किसी शोर के समय बिताना शामिल है। पहाड़ों के छोटे होमस्टे, जंगल के बीच रिट्रीट या झील किनारे शांत ठहराव इसके उदाहरण हैं।
पैशनकेशन (Passioncation)
पैशनकेशन उन छुट्टियों को कहा जाता है, जहां लोग अपने पैशन के लिए समय निकालते हैं। जैसे कहीं जाकर बेकिंग सीखना, पॉटरी क्लास करना, पेंटिंग या योग रिट्रीट जॉइन करना। इसमें घूमने के साथ-साथ कुछ नया सीखने और खुद को बेहतर बनाने पर फोकस होता है।
टेरर टूरिज्म (Terror Tourism)
टेरर टूरिज्म में लोग उन जगहों पर जाते हैं, जिनका इतिहास दुख, मौत या तबाही से जुड़ा रहा हो। जैसे अंडमान का काला पानी, युद्ध स्मारक या आपदाओं से जुड़ी साइट्स। यह ट्रेंड इतिहास और रियल स्टोरीज में दिलचस्पी रखने वालों को आकर्षित करता है।
स्किप-जेन ट्रैवल (Skip-Gen Travel)
स्किप-जेन ट्रैवल में पेरेंट्स अपने बच्चों को दादा-दादी या नाना-नानी के साथ वेकेशन पर भेजते हैं। इससे बच्चों और ग्रैंड-पेरेंट्स के बीच बॉन्डिंग मजबूत होती है और बीच वाली जेनरेशन यानी माता-पिता को थोड़ा रिलैक्स करने का समय मिल जाता है। यह फैमिली ट्रैवल का नया और समझदारी भरा तरीका माना जा रहा है।
इको-इस्केप (Eco-scape)
इको-इस्केप ट्रेंड में लोग सस्टेनेबल ट्रैवल पर जोर दे रहे हैं। इसमें लोकल स्टे चुनना, प्लास्टिक से दूरी, कम कार्बन फुटप्रिंट और नेचर के साथ जिम्मेदारी से रहना शामिल है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना घूमने का यह तरीका 2025 में खासा चर्चा में है।

