‘क्या आप मुझसे शादी करेंगे’, जब पाक महिला ने अटल जी से पूछा था सवाल; मिला हैरान करने वाला जवाब

2.5kViews
1740 Shares

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज 101वीं जन्म जयंती है। इस मौके पर पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक पुरानी यादों को ताजा करते हुए वाजपेयी से जुड़ी एक कहानी सुनाई, जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान दौरे पर थे, तो एक महिला ने उनसे शादी करने के लिए कहा था, जिस पर वाजपेयी ने क्या जवाब दिया था।

दरअसल, आज पूर्व प्रधानमंत्री की 101वीं जयंती है। वाजपेयी का जन्म 1924 में ग्वालियर में हुआ था। सरकार उनकी जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाती है।

राजनाथ सिंह ने पूर्व पीएम की पुरानी यादों को ताजा किया

एक कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान दौरे के दौरान, उनके भाषण से प्रभावित होकर एक महिला ने पूछा, ‘क्या आप मुझसे शादी करेंगे, और बदले में कश्मीर देंगे? इसपर पूर्व पीएम ने जवाब दिया कि मैं तुमसे शादी करने को तैयार हूं, लेकिन मुझे दहेज में पाकिस्तान चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा, “अटल बिहारी वाजपेयी का सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का था।”

पूर्व पीएम वाजपेयी को राजनाथ सिंह ने किया याद

राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी के भाषणों की सबसे अच्छी बात यह थी कि अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करते समय भी उन्होंने कभी मर्यादा की सीमा पार नहीं की।

इसी कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की एक घटना को याद करते हुए सिंह ने कहा कि वाजपेयी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मौजूदगी में बोलते हुए कहा था कि वहां के मंत्री “भद्र” (सभ्य) तो हैं, लेकिन “वीर” (बहादुर) नहीं हैं।

वहीं, राजनाथ सिंह ने साल 1994 की एक घटना को भी याद किया, जब भारतीय जनता पार्टी का विस्तार हो रहा था और कई लोग बीजेपी में शामिल हो रहे थे। उन्होंने बताया कि वाजपेयी ने एक पब्लिक मीटिंग में अपनी काव्यात्मक शैली में इस विकास को व्यक्त करते हुए कहा था कि जैसे सुंदर, बड़ी आँखें देखकर खुशी होती है, वैसे ही अपने वंश और परिवार को बढ़ते हुए देखकर बहुत खुशी होती है।

पांच बार लोकसभा सांसद सांसद रहे थे अटल बिहारी वाजपेयी

गौरतलब है कि साल 1991 से साल 2009 तक अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ से लोकसभा सांसद रहे। अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री हमेशा इस बात का ध्यान रखते थे कि ऊँचा उठना और अकेला पड़ जाना एक ही बात नहीं है। सिंह ने कहा कि वाजपेयी की मशहूर कविता ‘ऊंचाई’ में यही भावना व्यक्त की गई थी, जिसे 1992 में उन्हें पद्म विभूषण मिलने के बाद लिखा गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *