यात्री विमानों को मालवाहक में बदलने के क्षेत्र में उतरेगा अदाणी समूह, पायलट प्रशिक्षण में भी होगा विस्तार

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 घरेलू विमानन बाजार में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए अदाणी समूह इंजन मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (एमआरओ) और यात्री विमानों को मालवाहक विमानों में बदलने में प्रवेश की योजना बना रहा है। (पैसेंजर-टू-फ्रेटर या पी2एफ)

हवाई अड्डों के संचालन के अलावा, अडाणी समूह पहले से ही एमआरओ और पायलट प्रशिक्षण के कारोबार में मौजूद है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के निदेशक जीत अदाणी ने बताया कि समूह ने विमानन कारोबार को दो हिस्सों में विभाजित किया है-एक हवाई अड्डा बुनियादी ढांचा और दूसरा विमानन सेवा कारोबार। इसमें रक्षा और नागरिक, दोनों तरह के उपयोग शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि एयर वर्क्स और इंडामर टेक्निक्स जैसी एमआरओ कंपनियों को एक मंच पर लाकर एक बड़ी एमआरओ इकाई बनाने की दिशा में काम चल रहा है। एमआरओ को तेजी से बढ़ता क्षेत्र बताते हुए जीत अदाणी ने कहा कि समूह अब लैंडिंग गियर, पेंटिंग, पी2एफ कन्वर्जन और आगे चलकर इंजन एमआरओ की क्षमताएं भी विकसित करेगा।

देश में 30 हजार पायलटों की होगी जरूरत

कंपनियां आने वाले समय में करीब 1,700 नए विमान शामिल करने वाली हैं। इसके साथ ही देश को 30,000 अतिरिक्त पायलटों की आवश्यकता होगी। समूह का अनुमान है कि घरेलू विमानन बाजार 10-15 प्रतिशत की दर से विकास कर सकता है।

जीत अडाणी के अनुसार, पायलट प्रशिक्षण के लिए भारत में फिलहाल 15 सिमुलेटर हैं, जबकि देश में 40 से 50 सिमुलेटर लगाने की क्षमता है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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