गोरखपुर विश्वविद्यालय में दिग्विजयनाथ के नाम पर बनेगा मास कम्युनिकेशन इंस्टीट्यूट, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में एक उपयोगी पहल करने जा रहा है। परिसर में ‘महंत दिग्विजयनाथ इंस्टीट्यूट आफ मास कम्युनिकेशन’ की स्थापना करने जा रहा है। यह संस्थान पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क, न्यू मीडिया और फिल्म निर्माण जैसे तेजी से विस्तार ले रहे क्षेत्रों में युवाओं को आधुनिक, रोजगारपरक और नेतृत्वकारी शिक्षा प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह संस्थान बदलते मीडिया परिदृश्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल पेशेवर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रस्तावित संस्थान में अत्याधुनिक कक्षाओं के साथ एक उन्नत मल्टीमीडिया स्टूडियो की स्थापना की जाएगी। इसके लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। स्टूडियो का निर्माण दीक्षा भवन की छत पर किया जाएगा। यह स्टूडियो टीवी, मोबाइल और वेब जर्नलिज्म सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफार्म पर कार्य करने के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित होगा। यहां विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ वास्तविक पेशेवर वातावरण का अनुभव भी प्राप्त होगा। स्टूडियो को विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकगण और पेशेवर पत्रकारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

इंस्टीट्यूट में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। संस्थान के माध्यम से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशन, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फिल्म प्रोडक्शन तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन न्यू मीडिया जैसे दो-दो सेमेस्टर अवधि के व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है, जिससे वे शिक्षा पूर्ण करने के बाद सीधे रोजगार या उद्यमिता की ओर अग्रसर हो सकें।

विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा शैक्षणिक केंद्र होगा, जहां मास कम्युनिकेशन से जुड़े सभी प्रमुख विषयों का अध्ययन एक ही मंच पर उपलब्ध होगा। इससे न केवल समूचे पूर्वांचलन के युवाओं को लाभ मिलेगा, बल्कि गोरखपुर विश्वविद्यालय मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा।

विकास व वित्त समिति में लाने की तैयारी
गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी इस योजना को धरातल पर लाने की वैधानिक औपचारिकता पूरी करने के लिए जल्द विकास व वित्त समिति की बैठक आयोजित करेगा। बैठकों मेंं इसे लेकर अपने प्रस्ताव को स्वीकृत कराएगा। स्वीकृति मिलने के साथ ही इंस्टीट्यूट की स्थापना का कार्य शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और स्टूडियो की डिजाइन भी बनवा ली है।

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