छबिराम गैंग का हिस्ट्रीशीटर 10 साल बाद सलाखों के पीछे: साधु वेश में छिपा था आरोपित, हत्या-लूट जैसे कई मामले दर्ज

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 दन्नाहार पुलिस ने 10 साल से फरार रहे हिस्ट्रीशीटर और छबिराम गैंग के सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद से ही आरोपित लंबे समय से साधु के वेश में छिपकर रह रहा था। हिस्ट्रीशीटर पर दन्नाहार थाने में हत्या, लूट, डकैती सहित छह से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

साधू के वेश में रह रहा था आरोपित, न्यायालय से जारी हुआ था वारंट

जिले में 80 के दशक में डाकू छबिराम और उसकी गैंग का खौफ था। उसी गैंग में शामिल दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी भूदेव सिंह ने भी छबिराम के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में डकैती, हत्या और अगवा करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। वर्ष 1982 में हुए पुलिस एनकाउंटर में डाकू छबिराम को मार गिराया था। तभी से गैंग के सदस्य बिखर गए थे। उस समय भूदेव पर दन्नाहार थाने में वर्ष 1979 में हत्या, वर्ष 1982 में अवैध असलहा रखने, अगवा करने, वर्ष 1985 में डकैती, जानलेवा हमला, वर्ष 1997 में तमंचा रखने और इसी साल उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर हिस्ट्रीशीट भी खोली थी।

आरोपित पर दर्ज हैं हत्या, लूट सहित छह से अधिक गंभीर मामले

पुलिस ने भूदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परंतु कुछ समय बाद वह जमानत पाकर बाहर आग गया था। काफी समय से वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ तो न्यायालय ने वारंट जारी कर दिया। तब से पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी थी। कुछ दिन पूर्व ही उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए तो दन्नाहार पुलिस की टीमें आरोपित की गिरफ्तारी में जुट गईं।

मुखबिर से मिली थी सूचना

रविवार रात दन्नाहार प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्रपाल सिंह ने पुलिसबल के साथ मुखबिर की सूचना पर नगला कोंडर में छिपकर साधु के वेश में रह रहे भूदेव को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि पुलिस और न्यायालय से बचने के लिए उसने साधु का वेश धारण कर लिया। वर्तमान में उसकी उम्र 65 वर्ष से अधिक हो गई है। सोमवार को पुलिस ने आरोपित को न्यायालय पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया है।

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