चंडीगढ़: गैंगवार में रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे की 6 गोलियां मारकर हत्या, आरजू बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी

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 सेक्टर-26 टिंबर मार्किट में सोमवार शाम हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर में दहशत फैला दी।

पंजाब पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे इंद्रप्रीत सिंह पैरी की योजनाबद्ध तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज ने यह साफ कर दिया है कि इस वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि पैरी के ही बेहद करीबी साथी ने अंजाम दिया।

घटनाक्रम के अनुसार, वारदात से कुछ देर पहले पैरी अपने उसी करीबी के साथ सेक्टर-26 स्थित काला घोड़ा क्लब में बैठा था। दोनों काफी देर तक साथ रहे।

इसी दौरान आरोपी ने पैरी को कार में बैठकर टिंबर मार्किट चलने का झांसा दिया। भरोसा करते हुए पैरी उसके साथ चल पड़ा बिना इस अंदाजे के कि उसकी जिंदगी वहीं खत्म होने वाली है।

सुनसान स्थान पर पहुंचते ही आरोपी युवक ने अचानक पिस्टल निकालकर नजदीक से फायरिंग शुरू कर दी। गोली पैरी के पेट और छाती में लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

खास बात यह कि इंद्रप्रीत सिंह पैरी की शादी अभी 13 नवंबर को ही हुई थी। पैरी कभी लारेस बिश्नोई गैंग के करीबियों में गिना जाता था।

पहली वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से उतरते ही भागा और पीछे आ रही एक क्रेटा में जाकर बैठ गया।

सीसीटीवी में साफ दिखा कि क्रेटा पैरी की कार के पीछे-पीछे चल रही थी। आरोपी के अंदर बैठते ही क्रेटा आगे आई और उसमें बैठे हमलावरों ने पैरी की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

यह दूसरी राउंड की फायरिंग इसलिए की गई ताकि पैरी किसी भी हालत में बच न सके। फेक नंबर प्लेट लगी क्रेटा कार मौके से फरार हो गई।

प्रारंभिक जांच बताती है कि हमलावरों ने 1012 राउंड फायर किए। चार गोलियां पैरी को लगीं। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर पैरी को कार की ड्राइवर सीट पर मृत अवस्था में पाया।

आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी सिटी केएम प्रियंका और डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क मौके पर पहुंचे। सीएफएसएल टीम ने फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए। लगभग दो घंटे तक घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई।

वारदात के बाद एक कथित वायरल पोस्ट सामने आई, जिसमें आरज़ू बिश्नोई, हरी बॉक्सर, शुभम लोंकर और हरमन संधु ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में दावा किया गया कि

पैरी उनके समूह का “गद्दार” था

वह गोल्डी और रोहित के कहने पर क्लबों से पैसे इकट्ठा करवाता था

पहले उनके हरी बॉक्सर पर हमला कराया गया था

बाद में सिप्पा की हत्या करवाई गई

अब उनके ग्रुप के खिलाफ काम करने वालों को भी मारने की धमकी दी गई है, चाहे वे देश में हों या विदेश में

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