इजरायल और हमास के युद्ध पर ब्रेक लगने के बाद से मिडिल ईस्ट में काफी हद तक शांति स्थापित हो चुकी है। इसी बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था।
बीते दिन दोनों नेताओं के बीच फोन पर काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान गाजा की स्थिति से लेकर ईरान के परमाणु प्रोग्राम और सीरिया में चल रहे हालातों पर चर्चा की गई। रूस और इजरायल ने साझा बयान जारी करते हुए इसकी जानकारी दी है।
रूस ने पेश किया प्रस्ताव
बता दें कि रूस ने गुरुवार को अमेरिकी प्रस्ताव के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में ड्राफ्ट रिजोल्यूशन पेश किया था। इस प्रस्ताव के तहत रूस ने ट्रंप के गाजा पीस प्लान को चुनौती दी थी। रूस का कहना है कि यह प्रस्ताव दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करने और बैलेंस मेंटेन करने के लिए बनाया गया है।
ट्रंप के 20 पॉइंट का फर्स्ट फेज सफल
ट्रंप के 20 पॉइंट पीस प्लान के फर्स्ट फेज पर इजरायल और हमास ने अक्टूबर पर सहमति जताई थी। हमास ने इजरायली बंदियों को रिहा कर दिया था। वहीं, इजरायल ने भी कई फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ दिया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने गाजा में 20 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात करने की योजना बनाई थी, लेकिन ट्रंप ने इससे साफ इनकार कर दिया। ट्रंप ने इंडोनेशिया, यूएई, मिस्त्र, कतर, तुर्किए और अजरबैजान से भी संभावित योगदान देने की बात कही है।

