नगरोटा में BJP की दिव्यरानी राणा की बड़ी जीत, मिजोरम के डम्पा में डॉ. ललथंगलियाना विजयी

2.6kViews
1780 Shares

बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ देश के 7 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की गिनती भी आज परवान चढ़ रही है। भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की नगरोटा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा की दिव्यरानी राणा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के उम्मीदवार हर्ष देव सिंह को 24647 मतों से पराजित किया। श्रीमती राणा को कुल 42350 मिले, जबकि श्री सिंह ने कुल 17703 मत हासिल किये।

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस यहां पर तीसरे नवंबर पर रही है और उसकी उम्मीदवार शमीम बेगम ने कुल 10872 मत प्राप्त किये। गौरतलब है कि 11 नवंबर को नगरोटा में शांतिपूर्ण ढंग तरीके से मतदान हुआ था। पिछले साल 31 अक्टूबर को भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद नगरोटा में उपचुनाव कराया गया है।

मिजोरम – डम्पा से डॉ. ललथंगलियाना बड़ी बढ़त से जीते

डम्पा में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला, जहां 82.34% मतदान दर्ज किया गया। डॉ. आर. ललथंगलियाना ने 6,981 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जो उनके पिछले प्रदर्शन से 562 वोट अधिक है। वे मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) के प्रत्याशी थे।

इनके नतीजे आना अभी बाकी है:- 

झारखंड – घाटशिला

घाटशिला में 74.63% मतदान हुआ था। यह सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी। 2019 के विधानसभा चुनाव में वे यहां से विजयी रहे थे। अब यह सीट किसके खाते में जाएगी, इसका फैसला आज हो रहा है।

पंजाब – तरनतारन

तरनतारन में 60.95% वोटिंग के साथ मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। यह सीट AAP विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव में किसे जनता ने भरोसा दिया— इसका खुलासा थोड़ी ही देर में होगा।

राजस्थान – अंता

अंता में हुए उपचुनाव ने काफी सुर्खियां बटोरीं। यहां 80.32% मतदान दर्ज हुआ। यह सीट इसलिए खाली हुई थी क्योंकि बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा को एसडीएम पर पिस्तौल तानने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी। अब जनता किसे नया प्रतिनिधि चुनती है, यह आज सामने आ जाएगा।

ओडिशा – नुआपाड़ा

नुआपाड़ा में 79.41% लोगों ने वोट डाला। यह सीट बीजेडी नेता और पूर्व मंत्री राजेंद्र ढोलकिया के निधन के कारण रिक्त हुई थी। उपचुनाव में क्या बीजेडी अपनी पकड़ बनाए रख पाएगी, इसका जवाब गिनती से मिलेगा।

तेलंगाना – जुबली हिल्स

हैदराबाद की हाई-प्रोफाइल सीट जुबली हिल्स में 48.47% वोटिंग हुई। पूर्व विधायक मगंती गोपीनाथ के निधन के बाद हुए इस उपचुनाव में वातावरण तब और भी चर्चित हुआ जब असदुद्दीन ओवैसी भी कांग्रेस के लिए वोट मांगते दिखाई दिए। नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

जम्मू-कश्मीर – दो सीटें

बड़गाम

यह सीट तब खाली हुई जब उमर अब्दुल्ला ने दो सीटों पर जीत के बाद बड़गाम छोड़ दी। यहां 50.02% मतदान हुआ था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *