जम्मू की जीवनधारा कही जाने वाली सूर्य पुत्री तवी नदी को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए जम्मू नगर निगम ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। धार्मिक आस्थाओं और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाते हुए निगम ने तवी नदी के तटों पर विशेष विसर्जन पात्र लगाए हैं, ताकि पूजा सामग्री को सीधे नदी में फेंकने के बजाय इन पात्रों में एकत्र किया जा सके।
इस पहल का उद्देश्य तवी नदी को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखना है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे फूल, दीपक, अगरबत्ती, पॉलीथिन और अन्य पूजा सामग्री को नदी में न डालें, बल्कि निर्धारित पात्रों में विसर्जित करें। इन पात्रों पर लिखा गया संदेश “सूर्य पुत्री तवी को क्रोधित न करें, अपनी पूजा की सामग्री यहां विसर्जित करें” लोगों को आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक कर रहा है।
नगर निगम द्वारा लगाए गए पात्रों में जैविक और गैर-जैविक सामग्री को अलग-अलग डालने की व्यवस्था की गई है। हरे पात्र में फूल, रूई, धूप और माचिस की तीली जैसी जैविक वस्तुएं डाली जा सकती हैं, जबकि नीले पात्र में पूजा की बोतलें, पॉलीथिन और फोटो जैसी गैर-जैविक सामग्री डाली जाएगी। इससे न केवल नदी में प्रदूषण कम होगा, बल्कि कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जम्मू नगर निगम का यह कदम धार्मिक परंपराओं के सम्मान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण है। निगम ने भविष्य में इस व्यवस्था को शहर के अन्य हिस्सों तक बढ़ाने की योजना भी बनाई है ताकि साफ-सफाई और हरित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

