पंजाब के सबसे महंगे लुधियाना के लाडोवाल टोला प्लाजा पर पूरे राज्य के टोल-कर्मियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका ये प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ है, जिसमें टोल खत्म करने की बात कही जा रही है। आरोप है कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी।
टोल प्लाजा पर प्रस्तावित सैटेलाइट आधारित टोल संग्रह प्रणाली लागू किए जाने के विरोध में शनिवार को टोल प्लाजा वर्कर्स यूनियन पंजाब ने आंदोलन शुरू किया। धरने पर बैठे टोल कर्मियों का कहना है कि यदि टोल प्लाजा पर सैटेलाइट सिस्टम लागू कर दिया गया तो देशभर में लगभग दस लाख युवाओं का रोजगार छिन जाएगा।
उनका तर्क है कि इस प्रणाली के लागू होने के बाद टोल बूथ समाप्त हो जाएंगे, जिससे टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। यूनियन नेताओं ने कहा कि टोल प्लाजा पर काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी निम्न और मध्यम वर्ग से हैं और यही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है।
मांग को लेकर लगाया पोस्टर।
ट्रेड यूनियन के नेता भी पहुंचे
इस प्रदर्शन में लाडोवाल टोल प्लाजा के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके अलावा कंफेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के नेताओं ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर टोल कर्मियों का समर्थन किया।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरी योजना बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से लाई जा रही है, जबकि आम कर्मचारियों और युवाओं के हितों की अनदेखी की जा रही है।
पहले वैकल्पिक रोजागार योजना निकाले सरकार
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के पास उन लाखों युवाओं के लिए कोई वैकल्पिक रोजगार योजना नहीं है, जो इस सिस्टम के लागू होने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस योजना से टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों पर भी आर्थिक असर पड़ेगा।
यूनियन ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए किसान यूनियनों से भी समर्थन देने और संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया है।
प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी
नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उधर, लाडोवाल टोल प्लाजा प्रबंधन का कहना है कि फिलहाल सैटेलाइट सिस्टम को लेकर उनके पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
विरोध प्रदर्शन के बावजूद टोल प्लाजा पर कामकाज सामान्य दिनों की तरह जारी है। टोल अधिकारियों ने बताया कि धरने की जानकारी एनएचएआई सहित उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।

