चाट-समोसे के शौकीनों के लिए बुरी खबर! सरकार ने लगा दिया 30% टैक्‍स, कल से बढ़ेगा जेब पर बोझ

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शाम होते ही सड़कों पर सजे चाट-पकौड़े के ठेले लोगों को अपनी खुशबू से खींच लेते हैं लेकिन अब इन चटपटे व्यंजनों का स्वाद महंगा पड़ने वाला है। सरकार ने पीली मटर (Yellow Peas) के आयात पर 30% शुल्क लगाने का फैसला किया है, जो 1 नवंबर से लागू होगा।

अब तक पीली मटर पर कोई आयात शुल्क नहीं लगता था लेकिन नए फैसले के बाद इसका सीधा असर चाट, टिक्की, पकौड़ा और समोसे जैसे स्नैक्स पर पड़ेगा, क्योंकि यही मटर इन व्यंजनों का अहम हिस्सा होती है।

कितना टैक्स लगाया गया है

राजस्व विभाग के मुताबिक, यदि बिल ऑफ लैडिंग 1 नवंबर या उसके बाद जारी होता है, तो उस पर 10% बेसिक ड्यूटी और 20% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) यानी कुल 30% टैक्स लगेगा। सरकार ने मई 2025 में मार्च 2026 तक पीली मटर के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी लेकिन अब 5 महीने पहले ही इस नीति में बदलाव कर दिया गया है।

भारत में पीली मटर का उत्पादन बेहद सीमित

भारत में पीली मटर को दलहनी फसल के रूप में उगाया जाता है लेकिन इसका उत्पादन बहुत कम है। वित्त वर्ष 2024 में देश में कुल 2.45 करोड़ टन दलहन का उत्पादन हुआ, जबकि पीली मटर मात्र 12–15 लाख टन ही रही। देश में कुल 2.7 करोड़ टन दलहन की खपत होती है, जिसके चलते भारत को हर साल 25 लाख टन दालें आयात करनी पड़ती हैं।

कनाडा और रूस से आता है बड़ा हिस्सा

भारत अपनी जरूरत की अधिकांश पीली मटर कनाडा और रूस से आयात करता है। वित्त वर्ष 2023-24 में देश ने करीब 20 लाख टन पीली मटर का आयात किया था, जो पिछले साल 30 लाख टन तक पहुंच गया। अब जब सरकार ने 30% टैक्स लगा दिया है, तो इसकी कीमतें खुदरा बाजार में काफी बढ़ने की संभावना है।

क्या असर पड़ेगा?

महंगी मटर का सीधा असर चाट, समोसे, कचौरी और पकौड़ों के दाम पर पड़ेगा। जहां अब तक व्यापारी इसे सस्ते में बाहर से मंगाते थे, वहीं टैक्स बढ़ने के बाद आयात महंगा हो जाएगा और इसका बोझ आखिरकार ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

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