सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बाद अब इसमें करेक्शन देखने को मिल रहा है। अप्रैल 2025 से शुरू हुई तेजी के बाद निवेशक अब मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिसके चलते गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) के भावों में भी गिरावट आई है। पिछले तीन महीनों में गोल्ड ईटीएफ ने औसतन 23% तक का शानदार रिटर्न दिया था लेकिन हाल के दिनों में इसमें 7% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
तीन महीने में शानदार रिटर्न, अब दिखा करेक्शन
एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन महीनों में यूटीआई गोल्ड ईटीएफ ने सबसे ज्यादा 27.19%, जबकि एलआईसी एमएफ गोल्ड ईटीएफ ने 23.40% रिटर्न दिया। वहीं, निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएस ने 22.94% और टाटा गोल्ड ईटीएफ ने 22.25% का रिटर्न दिया।
Gold ETF में 7% तक की गिरावट
हाल के एक हफ्ते में गोल्ड ईटीएफ फंडों के रिटर्न कमजोर रहे हैं। औसतन इनमें 0.70% की गिरावट देखी गई। टाटा गोल्ड ईटीएफ में 6.81%, जबकि यूटीआई गोल्ड ईटीएफ में 2.64% की गिरावट रही।
क्यों आई गिरावट?
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मुनाफावसूली के चलते गोल्ड ईटीएफ पर दबाव बना है। साथ ही, निवेशक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर संभावित कटौती के संकेतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या करें निवेशक?
कोटक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर एकमुश्त निवेश से बचना चाहिए। इसके बजाय, निवेशक अपनी जोखिम सहनशीलता को ध्यान में रखते हुए SIP या STP के माध्यम से चरणबद्ध निवेश करें। यह रणनीति उन्हें अस्थिरता के दौर में बेहतर औसत लागत पर निवेश का मौका देगी।

