बंधकों की रिहाई की उम्मीदः 2 साल बाद इजराइल में लोगों ने मनाया जश्न, ट्रंप के लिए मांगा नोबल

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करीब दो वर्षों से पीड़ा, अनिश्चितता और मानसिक यातना का प्रतीक बन चुके तेल अवीव के ‘होस्टेज स्क्वायर’ में बृहस्पतिवार तड़के उस समय उम्मीद और खुशी का माहौल देखा गया, जब गाजा में बंधक बनाए गए इजराइली नागरिकों की संभावित रिहाई की खबर सामने आई। जश्न के माहौल में लोगों ने शैम्पेन की बोतलें खोलीं, मिठाइयां बांटीं और नम आंखों के साथ परिजनों से गले मिलने का दौर चला। इजराइल और हमास के बीच बंधकों की रिहाई को लेकर समझौता होने की खबर फैलते ही बंधकों के परिवार वाले और समर्थक भावुक हो उठे।

 

मातान जांगौकर नामक बंधक की मां और इस दो वर्ष लंबे आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनीं ऐनाव जांगौकर ने खुशी से आसमान की ओर हाथ उठाते हुए कहा, “मातान घर आ रहा है!” उन्होंने कहा, “मैं उसके शरीर की खुशबू को महसूस करना चाहती हूं। मेरा एक ही सपना है-मातान को उसके बिस्तर पर आराम से सोता देखना।” गौरतलब है कि सात अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में सैकड़ों इजराइली नागरिक बंधक बना लिए गए थे, जिसके बाद से उनके परिजनों ने उनकी रिहाई के लिए वैश्विक नेताओं से मुलाकात की, इजराइली नेतृत्व से संघर्ष किया और लगातार अपीलें कीं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि इजराइल और हमास के बीच बंधकों की रिहाई को लेकर समझौता हुआ है। इसके बाद होस्टेज स्क्वायर पर जमा लोगों में राहत और उल्लास का माहौल देखा गया। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभ में अपहृत किए गए 250 लोगों में से 20 अभी गाजा में जीवित हैं और 28 की मोत हो चुकी है। वर्षों से स्क्वायर पर लगा एक डिजिटल काउंटर-जो बंधकों की गिरफ्तारी के बाद से गुजरते समय को दर्शाता आ रहा है-अब संभावित रिहाई की घड़ियों का प्रतीक बन चुका है। बंधक एल्काना बोहबोट की पत्नी रेबेका बोहबोट ने सोशल मीडिया पर लिखा, “दो वर्षों से मैं अपने पति के जीवन के लिए संघर्ष कर रही हूं। यह ऐसा क्षण होगा जब एक छोटा बच्चा अपने पिता से गले मिलेगा और मेरा परिवार फिर से जीवित हो उठेगा।”

इस जश्न के केंद्र में ट्रंप भी रहे, जिन्हें कई इजराइली और बंधक परिवार इस समझौते का श्रेय देते हैं। एक व्यक्ति ट्रंप की पोशाक में अमेरिकी झंडा लहराते हुए नजर आया, वहीं कुछ लोगों ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की मांग की। खुशी के इन क्षणों के बीच भी सात अक्टूबर 2023 के भयावह पल लोगों के ज़हन में बने हुए हैं जिनके बाद उनके पूरे जीवन की दिशा ही बदल गई क्योंकि हमास और इजराइल के बीच युद्ध जो छिड़ गया था। होस्टेज स्क्वायर अब वह स्थान बन गया है, जहां बंधकों, उनके परिजनों और पूरे इजराइल को थोड़ी राहत महसूस हो रही है। पूर्व बंधक ओमर वेंकर्ट ने कहा, “मैं बता नहीं सकता कि कैसा लग रहा है। मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि हम एक राष्ट्र के रूप में कितनी खुशी महसूस करेंगे।”

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