अक्टूबर में हुई बर्फबारी, 40 साल में पहली बार दिखा ऐसा नजारा, बिछी बर्फ की सफेद चादर

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उत्तराखंड में भारी बारिश और गर्मी के बाद अब मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ली है। इस साल अक्टूबर का पहला सप्ताह मौसम की दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हुआ है जहां राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रिकॉर्ड-तोड़ बर्फबारी हुई है जिसने पूरे पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया है।

40 वर्षों में पहली बार इतनी जल्दी बर्फबारी

केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और मुनस्यारी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर यह बदलाव चौंकाने वाला है। 40 वर्षों में पहली बार अक्टूबर की शुरुआत में इतनी भारी बर्फ गिरी है।

  • हेमकुंड साहिब: यहां आधा फीट (Half a foot) तक बर्फ जमा हुई जिसके कारण यात्रा पर गए करीब 30 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू करना पड़ा।
  • केदारनाथ धाम: केदारनाथ की पहाड़ियों पर भी तीन इंच से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई है। यह बर्फबारी ऐसे समय में हुई है जब 13 दिनों के बाद केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

    समय से पहले हुई इस बर्फबारी से स्थानीय लोग और प्रशासन सभी हैरान हैं।

    मौसम विभाग का अलर्ट और चेतावनी

    मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि 8 से 14 अक्टूबर के बीच राज्य में सामान्य मौसम रहने की संभावना है। हालांकि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश जारी रहने का अनुमान है।

    • तेज हवाएँ: पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना है।
    • बिजली चमकने की चेतावनी: इसके साथ ही कई स्थानों पर बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
    • तापमान में गिरावट: लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है और उत्तराखंड में जल्द ही कड़ाके की सर्दी दस्तक देने वाली है।

      आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क

      मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।

      • रास्ते बंद होने की आशंका: लगातार बर्फबारी से पहाड़ी क्षेत्रों में कई रास्ते बंद होने की संभावना है।
      • अलर्ट मोड: इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी सभी रेस्क्यू टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देशित किया है।

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