कमाल! दुनिया का पहला ‘X-Ray कैमरा’ जो शरीर के अंदरूनी अंग की भी खींच सकता है साफ तस्वीर, जानिए क्या है टेक्नोलॉजी?

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मेडिकल इमेजिंग के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी और चीन की सूझो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मिलकर दुनिया का पहला पेरोव्स्काइट-बेस्ड डिटेक्टर बनाया है। यह क्रांतिकारी डिटेक्टर गामा किरणों (Gamma Rays) को बेहद सटीकता से पकड़ सकता है जिससे SPECT स्कैनिंग (Single-Photon Emission Computed Tomography) अब और भी साफ, किफायती और सुरक्षित हो जाएगी।

क्यों खास है यह पेरोव्स्काइट टेक्नोलॉजी?

पेरोव्स्काइट क्रिस्टल्स को पहले सौर ऊर्जा (Solar Energy) के क्षेत्र में उनकी दक्षता के लिए जाना जाता था। अब वे चिकित्सा इमेजिंग में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं।

  • सटीक इमेजिंग: रिसर्च टीम का दावा है कि इस तकनीक से बने डिटेक्टर्स न केवल ज़्यादा सटीक इमेज देंगे बल्कि मरीजों को कम रेडिएशन और छोटे स्कैन समय से फायदा मिलेगा।
  • पिक्सेल-बेस्ड सेंसर: शोधकर्ताओं ने स्मार्टफोन कैमरे के पिक्सल की तरह एक पिक्सल-बेस्ड सेंसर बनाया है जिसने अब तक की सबसे बेहतर ऊर्जा रेज़ोल्यूशन (Energy Resolution) दी है।

    पुराने डिटेक्टर्स की क्या थीं कमियां?

    न्यूक्लियर मेडिसिन तकनीकों जैसे SPECT स्कैन में अब तक CZT (कैडमियम जिंक टेलुराइड) और NaI (सोडियम आयोडाइड) क्रिस्टल्स का उपयोग होता था। इनकी अपनी सीमाएं थीं:

    पुराने डिटेक्टर्स खासियत/कमी
    CZT (कैडमियम जिंक टेलुराइड) लाखों डॉलर तक कीमत, बनाने में मुश्किल और बेहद नाजुक।
    NaI (सोडियम आयोडाइड) सस्ते, लेकिन भारी-भरकम और इमेज उतनी साफ नहीं (जैसे धुंधले शीशे से देखना)।

    पेरोव्स्काइट डिटेक्टर्स इन सभी सीमाओं को दूर करते हुए क्लिनिकल स्कैनर्स में बारीक से बारीक डिटेल्स को भी कैप्चर करने में मदद करेंगे।

    मरीजों को कैसे होगा फायदा?

    नए पेरोव्स्काइट कैमरे से बने डिटेक्टर्स ज्यादा संवेदनशील (Sensitive) हैं जिसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा:

    1. तेज़ स्कैन: मरीजों को कम समय तक स्कैन करवाना होगा।
    2. कम रेडिएशन: उन्हें कम रेडिएशन की खुराक दी जाएगी, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी।
    3. बेहतर डायग्नोसिस: डॉक्टरों को साफ-सुथरी डायग्नोस्टिक इमेज मिलेगी जिससे बीमारियों की पहचान और इलाज योजना बेहतर होगी।

    यह तकनीक दिल की धड़कन, खून के प्रवाह और शरीर में छिपी बीमारियों को देखने के लिए SPECT स्कैनिंग की दक्षता को कई गुना बढ़ा देगी।

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