नेपाल के बाद अब उत्तरी अफ़्रीका के देश मोरक्को में भी Gen-Z सितंबर के अंतिम सप्ताह से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। युवाओं के गुस्से की यह आग धीरे-धीरे पूरे देश में फैल चुकी है। नेपाल की तरह ही, मोरक्को के युवा अब भ्रष्टाचार, खराब स्वास्थ्य सेवाओं, कमजोर शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर प्रधानमंत्री अजीज अखन्नौश की सरकार को गिराने की मांग कर रहे हैं।
इस आंदोलन के बाद मोरक्को के युवा राजा मोहम्मद VI से सरकार को भंग करने की मांग कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस की सख्ती के बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ में अब तक 3 लोगों की मौत हो गई है।
GenZ 212 की सीधी मांग: सरकार बर्खास्त हो
युवाओं के इस समूह को GenZ 212 नाम दिया गया है, जिसने सरकार से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। हालाँकि, यह समूह शांतिपूर्ण आंदोलन चाहता है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण हिंसा भड़क उठी। राजा मोहम्मद VI को संबोधित एक आधिकारिक बयान में GenZ 212 ने कहा, “हम वर्तमान सरकार को भंग करने की मांग करते हैं, क्योंकि वह मोरक्को के वासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने और उनकी सामाजिक मांगों का जवाब देने में पूरी तरह नाकाम रही है।” समूह ने भ्रष्टाचार के जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए एक निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की है।
सरकार ने मानी अपनी नाकामी
युवाओं के बढ़ते विरोध के बाद, सरकार के मंत्रियों ने भी अपनी विफलता स्वीकार की है।
➤ स्वास्थ्य मंत्री अमीन तह्राऊई ने संसद में माना कि कई स्वास्थ्य सुधारों के बावजूद अब तक की उपलब्धियाँ अपर्याप्त हैं।
➤ आवास मंत्री फातिमा जहरा मंसूरी ने कहा, “हम असफल रहे। अगर हम सफल हुए होते, तो आज हमें सड़कों और सोशल मीडिया पर ये आवाजें नहीं सुननी पड़तीं और यह गुस्सा जारी नहीं रहता।”
विरोध का मुख्य कारण: सामाजिक असमानता और उपेक्षा
GenZ 212 खुद को एक ऐसा चर्चा मंच बताता है जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे सभी नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर बात की जाती है। इस आंदोलन का मुख्य कारण देश में सालों से सार्वजनिक सेवाओं की उपेक्षा है। मोरक्को लंबे समय से गहरी सामाजिक और क्षेत्रीय असमानताओं, उच्च बेरोजगारी और लगातार जारी भ्रष्टाचार से जूझ रहा है।

