गत दिन विजय दशमी पर माता दुर्गा की मूर्ति विसर्जन करने आए एक श्रद्धालु की सतलुज दरिया में डूबने से मौत हो गई जबकि एक श्रद्धालु तेज बहाव पानी में बह गया, जिसकी 14 घंटे बीत जाने पर भी कोई सुराग नहीं लग पाया। प्राप्त सूचना के अनुसार भारतीयों में परम्परा है कि माता दुर्गा के पवित्र नवरात्रों के बाद विजय दशमी पर कुछ प्रवासी भारतीय भारी गिनती में इकट्ठे होकर माता दुर्गा की मूर्ति को चलते पानी में विसर्जित करते हैं।
पहली घटना गत दिन प्रातः 7 बजे घटित हुई जब सतलुज दरिया पर लुधियाना की तरफ से बड़ी गिनती में माता के श्रद्धालु माता दुर्गा की मूर्ति को दरिया में विसर्जित करने लगे तो तेज बहाव पानी होने के चलते 24 वर्ष का एक युवक पानी में बह गया, जिसे गोताखोर बचाने के लिए उसके पीछे भी गए पर उसका कोई पता नहीं चल पाया। हादसे दौरान चीख पुकार मच गई। रात को अंधेरा ज्यादा होने के चलते उसकी तलाश रोक दी गई।
दूसरी घटना दोपहर 1 बजे घटित हो गई जब फिर से भारी गिनती में श्रद्धालु माता दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने पहुंचे तो उनमें से एक 34-35 वर्ष का श्रद्धालु पानी के तेज बहाव में बह गया जो आगे जाकर डूब गया। काफी मशक्कत के बाद गोताखोर मृतक की लाश को ढूंढने में कामयाब हो गए जिसे वह बाहर निकाल कर ले आए। इस बार बाढ़ आने के चलते सतलुज दरिया में पानी का बहाव काफी तेज है जिसके चलते आज 2 घटनाएं घटित हो गईं।

