जो भी ऑपरेट कर रहा, उसकी खैर नहीं… जब UNGA में बीच भाषण में खराब हो गया ट्रंप का टेलीप्रॉम्‍प्‍टर

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के मंच से ही उसकी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया में ‘सात लड़ाइयां’ खत्म करवाने में उन्हें इस निकाय से कोई मदद नहीं मिली और उन्हें इससे यहां मिला तो बस ‘एक खराब टेलीप्रॉम्प्टर’ और बीच में ही बंद हो गया एस्केलेटर मिला। ट्रंप ने कहा कि उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और खुद वह ‘अच्छी सेहत’ में न होते तो दोनों ही आज गिर गये होते। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा,  ‘संयुक्त राष्ट्र से मुझे बस एक एस्केलेटर मिला जो बीच में ही रुक गया। अगर प्रथम महिला (श्रीमती ट्रंप) की सेहत ठीक नहीं होती, तो वे गिर जातीं।’ उन्होंने मुस्कराते हुए कहा ‘हम दोनों अच्छी हालत में हैं, हम डटे रहे।…और फिर एक टेलीप्रॉम्प्टर जो काम नहीं कर रहा था।’‘हम डटे रहे’वाली उनकी बात पर सभा कक्ष में लोगों की हंसी – ठहाके से गूंज उठा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा , ‘संयुक्त राष्ट्र से मुझे यही दो चीज़ें मिलीं… ख़राब एस्केलेटर और ख़राब टेलीप्रॉम्प्टर, मुझे एहसास हुआ कि संयुक्त राष्ट्र हमारे लिए नहीं था, संयुक्त राष्ट्र वहां था ही नहीं।

‘बातचीत के दौरान नहीं, और वे आसान नहीं थीं।’ ट्रंप ने इस बात में सवाल उठाया, ‘और ऐसे में संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य क्या है।’ हालांकि, इसके बाद अपनी आलोचना को नरम करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र में इतनी ज़बरदस्त क्षमता है, लेकिन यह उस पर खरा उतरने के आस-पास भी नहीं है। ऐसा लगता है कि वे बस एक बहुत ही कड़े शब्दों वाला पत्र लिखते हैं, और उस पत्र पर कभी अमल नहीं करते।’ उन्होंने कहा, ‘ये खोखले शब्द हैं और खोखले शब्दों से युद्ध हल नहीं होते। युद्धों का समाधान केवल कारर्वाई से होता है।’

बाद में ट्रुथ सोशल पर उन्होंने पोस्ट किया: ‘संयुक्त राष्ट्र के समक्ष बोलना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। मेरा मानना है कि भाषण को बहुत सराहा गया। इसमें ऊर्जा और प्रवास/आव्रजन पर विशेष ध्यान दिया गया। मैं इस बारे में लंबे समय से बात कर रहा हूं और यह फ़ोरम इन दो महत्वपूर्ण वक्तव्यों के लिहाज़ से सबसे बेहतरीन था। ‘मुझे उम्मीद है कि हर कोई इसे देख पाएगा! जब हम मंच पर चढ़ रहे थे, तब टेलीप्रॉम्प्टर खराब हो गया था और एस्केलेटर अचानक रुक गया था, लेकिन इन दोनों घटनाओं ने शायद भाषण को और भी दिलचस्प बना दिया। संयुक्त राष्ट्र में बोलना हमेशा सम्मान की बात होती है, भले ही उनके उपकरण थोड़े खराब हों। अमेरिका को फिर से महान बनाएं।’

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