जबलपुर में तैयार हो रहा स्वदेशी LAMV, बर्फीले पहाड़ों से लेकर चुनौतीपूर्ण इलाकों तक सेना को मिलेगी आधुनिक सुरक्षा

8.2kViews
1412 Shares

देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश का जबलपुर एक बार फिर चर्चा में है। यहां स्थित व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में स्वदेशी लाइट आर्मर्ड मल्टी पर्पज व्हीकल यानी LAMV को विकसित किया जा रहा है। यह आधुनिक बख्तरबंद वाहन भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि इसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी काम करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

दरअसल, भारतीय सेना को ऐसे वाहनों की जरूरत है, जो ऊंचे पहाड़ी इलाकों, बेहद कम तापमान और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर भी सैनिकों की आवाजाही को सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकें। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए LAMV को विकसित किया गया है।

मई 2026 में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री द्वारा तैयार इस वाहन को लेह और लद्दाख के कठिन इलाकों में फील्ड ट्रायल के लिए भेजा गया था। इन परीक्षणों का उद्देश्य अत्यधिक ठंड और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में वाहन की क्षमता का आकलन करना है।

LAMV एक 4×4 बख्तरबंद प्लेटफॉर्म है। इसका इस्तेमाल सैनिकों की आवाजाही, टोही गतिविधियों और विभिन्न सैन्य अभियानों में किया जा सकता है। इसमें सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बख्तरबंद सुरक्षा व्यवस्था दी गई है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, LAMV श्रेणी के वाहनों को बैलिस्टिक और विस्फोट संबंधी खतरों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है। इनका इस्तेमाल दुर्गम क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों और टोही अभियानों के लिए भी किया जा सकता है।

जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री का रक्षा वाहनों के निर्माण में पहले से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह फैक्ट्री आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड यानी AVNL के अंतर्गत काम करती है। यहां सैन्य परिवहन वाहनों और बख्तरबंद वाहनों के निर्माण की सुविधाएं मौजूद हैं।

ऐसे में स्वदेशी LAMV का विकास भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अब सबकी नजरें इसके परीक्षणों और आगे की उत्पादन प्रक्रिया पर रहेंगी। यदि यह सेना की निर्धारित आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो भविष्य में भारतीय सेना के लिए इसकी उपयोगिता और बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर, जबलपुर में आकार ले रहा यह स्वदेशी वाहन रक्षा क्षेत्र में मध्य प्रदेश की औद्योगिक भूमिका को भी रेखांकित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *