Indira Marathon 2026 देश की प्रतिष्ठित इंदिरा मैराथन के 41वें संस्करण में इस बार देश भर के 100 एथलीट ट्रैक पर नहीं उतर सकेंगे। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नॉडा) ने डोप टेस्ट में फेल होने पर 51 एथलीटों को प्रतिबंधित (बैन) और 49 को निलंबित किया है। इनमें से करीब 13 एथलीट ऐसे हैं जो पूर्व में इंदिरा मैराथन दौड़ चुके हैं, लेकिन इस बार नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा।
ऐसे खिलाड़ी किसी भी प्रतियोगिता में नहीं भाग ले सकेंगे
नॉडा के अनुसार इन एथलीटों के नमूनों में एनाबालिक स्टेरायड, डर्बेपोएटिन, नोरएंड्रोस्टेरोन, मफेंटरमाइन और स्टैनोजोलोल जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की मौजूदगी पाई गई है। देश के विभिन्न राज्यों से ताल्लुक रखने वाले इन खिलाड़ियों पर जांच पूरी होने व प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने तक किसी भी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय आयोजन में उतरने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रयागराज में 19 नवंबर को होगी मैराथन
प्रयागराज में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जन्मतिथि पर 19 नवंबर को आयोजित होने वाली 42.195 किमी की यह मैराथन एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया (एएफआई) व उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त है। साथ ही प्रदेश खेल विभाग के आधिकारिक कैलेंडर का हिस्सा है।
इंदिरा मैराथन में नॉडा की डोपिंग रोधी टीम मौजूद रहेगी
आयोजन के दौरान नॉडा की डोपिंग रोधी टीम मौके पर मौजूद रहेगी और विजेता व शीर्ष धावकों के औचक (रैंडम) सैंपल एकत्र करेगी। व्यवस्था व तकनीकी निगरानी के लिए फेडरेशन के 1500 से अधिक अधिकारी व निर्णायक तैनात रहेंगे।
सेना के धावक पेश करेंगे चुनौती
इस बार भी मैराथन में सेना (आर्मी) के धावकों का दबदबा देखने को मिलेगा। प्रदीप सिंह चौधरी, अनिल कुमार और बी. सिरानू के नेतृत्व में सेना के दो दर्जन से अधिक चुनिंदा धावक अन्य प्रतिभागियों के सामने कड़ी चुनौती पेश करेंगे। सेना के किसी भी धावक पर डोपिंग का कोई मामला नहीं है। मैराथन के लिए तैयारियां शुरू हैं। किलोमीटर बोर्ड, स्टेडियम भवन, जालियों की रंगाई पुताई हो रही है। शुक्रवार को मैराथन की पहली बैठक जिलाधिकारी संग होगी और आनलाइन पंजीकरण की तिथि, अधिकारियों की तैनाती आदि पर मुहर लगेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

