चंडीगढ़ में हजारों कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। ज्वाॅइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स यूटी कर्मचारी यूनियन की ओर से वित्त विभाग की कार्यप्रणाली का ऑडिट जनरल ऑफ इंडिया से जांच करवाने की मांग प्रशासन के स्तर पर पहुंच गई है।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्धारित अवधि के बाद चंडीगढ़ में सेवा जारी रखने के लिए संबंधित पेरेंट्स स्टेट और चंडीगढ़ प्रशासन से अनुमति यानि एक्सटेंशन लेना आवश्यक होता है।
इसके बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सैकड़ों डेपुटेशनिस्ट कर्मचारियों पर बिना कोई अनुमति लिए लंबे समय से वर्किंग है। कमेटी का कहना है कि कुछ कर्मचारी कथित तौर पर पंजाब सेवा नियमों का हवाला देकर एक्सटेंशन की अनुमति लिए बिना ही चंडीगढ़ में सेवाएं जारी रखे हुए हैं।
इसके बावजूद वित्त विभाग की ओर से उनका वेतन लगातार जारी किया जा रहा है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने इसे प्रशासन के वित्तीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला मामला बताते हुए इसकी ऑडिट जांच की मांग की है।
डेपुटेशनिस्ट के लिए नियमों का उल्लंघन
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार वित्त विभाग की ओर से कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न वित्तीय लाभों को रोकने का मुद्दा भी शिकायत में उठाया है। कमेटी के अनुसार, अदालत के निर्देशों के आधार पर कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ लाभ को वित्त विभाग ने रोक दिया है।
वित्त विभाग के अनुसार कोर्ट के आदेश पर दिए जा रहे लाभ पंजाब सेवा नियम के तहत थे। पंजाब सेवा नियम के साथ पर चंडीगढ़ के नियम है ऐसे में कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। कमेटी ने इन मामलों की नियमों के तहत समीक्षा करवाने की मांग की है।
4 सितंबर को किया था प्रदर्शन, 5 को ब्लैक डे
वित्त विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स यूनियन की ओर से चार सितंबर को धरना-प्रदर्शन के साथ पैदल मार्च निकाला गया था। इस दौरान शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के साथ प्रशासन की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने भी भाग लिया था।
इसके बाद पांच सितंबर को स्कूलों में कर्मचारियों ने ब्लैक डे मनाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। कमेटी प्रधान रणबीर राणा के अनुदा राष्ट्रपति भवन से शिकायत को मुख्य सचिव को मार्क किए जाने के बाद अब प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए ताकि चंडीगढ़ के राजस्व पर कोई असर न पड़े।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

