अनंत सिंह की सदस्यता रद्द कराने विधानसभा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष:स्पीकर को 10 पन्नों वाला अनुशंसा पत्र सौंपा; JDU ने नीलम देवी से राज्यमंत्री का दर्जा छीना
जेडीयू से निष्कासित मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी एक के बाद एक कड़े कदम उठा रही है। सोमवार सुबह उनकी पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया। इसके साथ ही नीलम देवी से राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया है।
अब जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा विधानसभा पहुंचे और स्पीकर को अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा वाले पत्र पर क्या एक्शन हुआ, इसकी जानकारी ली। उमेश कुशवाहा ने सदस्यता समाप्त करने की मांग के समर्थन में 10 पन्नों के दस्तावेजी सबूत और वीडियो भी सौंपे हैं। अब स्पीकर सौंपे गए दस्तावेजों और वीडियो की समीक्षा के बाद फैसला लेंगे।
शनिवार को जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दरअसल, एमएलसी चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से अलग जाकर जनसुराज के अनुज सिंह का साथ दिया और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुुमार के खिलाफ खुलकर बगावत की।
पार्टी से निकाले जाने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई। निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली में अनंत सिंह से जुड़े सवाल को ललन सिंह-संजय झा टाल गए।
दिल्ली में अनंत सिंह से जुड़े सवाल को टाल गए ललन सिंह-संजय झा
जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और संजय झा दिल्ली में साथ नजर आए। दोनों जेडीयू नेताओं से अनंत सिंह के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने चुप्पी साध ली।
बता दें कि अनंत सिंह को समझाने की जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झाा ने ललन सिंह को दी थी। इस दौरान ललन सिंह ने स्पष्ट तौर पर कह दिया कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने अनंत सिंह के खिलाफ काम किया था, तब पार्टी ने नीरज पर एक्शन क्यों नहीं लिया।
पूरे विवाद में एक तरफ ललन सिंह मोकामा विधायक अनंत सिंह के साथ मजबूती के साथ खड़े दिखे तो दूसरी तरफ संजय झा अनंत सिंह पर कार्रवाई की बात कहते रहे। ऐसे में लगा कि पार्टी दो धड़ों में बंट रही है, अब दिल्ली में दोनों के साथ दिखने से नई चर्चा शुरू हो गई है।
बीजेपी की यूज एंड थ्रो वाली पॉलिसी रही है पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने पर कहा, ‘यह RSS और BJP का चरित्र है- इस्तेमाल करो और फेंक दो। आनंद मोहन के साथ क्या किया? दिनेश जी के साथ क्या किया? अजय मंडल और गिरधारी यादव के साथ क्या किया?
यह पूरा विवाद दो लोगों- ललन बाबू और संजय झा की वजह से हो रहा है।’
उन्होंने कहा, ‘अनंत सिंह ने जो कहा, वो सही था। अनुशासन होना चाहिए और अगर कोई विधायक या सांसद अनुशासन तोड़ता है, तो पार्टी उसके खिलाफ फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन अनुशासन का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
जदयू 12 सीटों पर सिमट जाएगीः अनंत सिंह
अनंत सिंह ने कहा मैंने कुछ गलत नहीं किया था। अनंत सिंह ने इशारों में नीतीश कुमार पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा है कि जिस ने पार्टी बनाई थी वो पार्टी नहीं चला पा रहे हैं। नीतीश जी बीमार रहते हैं, जिसने पार्टी से निकालने का फैसला किया है, वो चुनाव में परिणाम भुगतेगा।
अनंत सिंह से जब पूछा गया कि वो आगे क्या करेंगे इस पर अनंत सिंह ने कहा कि अपनी पार्टी बनाएंगे। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि जब सरकार गिर रही थी तो मैंने बचाई थी। इस पार्टी के लिए गद्दारी भी की। नीतीश कुमार के मन से पार्टी में कुछ नहीं हो रहा है।
अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने के बाद रविवार की सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सीएम सम्राट से मुलाकात की थी। 30 मिनट तक दोनों की मुलाकात हुई। तचीत के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
नीतीश के साथ निशांत-विजय चौधरी की मीटिंग
अनंत सिंह को जदयू से निकालने के बाद रविवार को नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री निशांत कुमार पहुंचे। नीतीश कुमार, विजय चौधरी, निशांत कुमार और ललन शराफ की मीटिंग हुई। उसके बाद विजय चौधरी, निशांत कुमार निकल गए। कुछ देर बाद सीएम भी एमएलसी ललन शराफ के साथ अपने आवास से बाहर निकले।
वहीं अनंत सिंह को पार्टी से निकालने पर जीतन राम मांझी ने कहा है कि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले पर कार्रवाई का अधिकार पार्टी प्रमुख को है। इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अनंत सिंह के निष्कासन का आगे क्या असर होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
पार्टी के एक्शन के बाद अनंत आवास पर आतिशबाजी
अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है। उन्हें अगले 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाना ने आदेश जारी किया है। उन्होंने विधानसभा स्पीकर से अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की अनुशांसा की है। पार्टी से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह का पटना वाले आवास पर जमकर आतिशबाजी हुई।
अनंत सिंह को पार्टी से बाहर करने के साथ ही संगठनात्मक जिला बाढ़ की पूरी इकाई को भी भंग कर दिया गया है। बाढ़ के जेडीयू जिलाध्यक्ष मयंक राज को भी पद से हटाया गया है, जो केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के करीबी माने जाते हैं।
पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी से निकाला गया
जदयू ने सिर्फ अनंत सिंह ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से निष्कासित किया है। कार्यालय आदेश में कहा गया है कि उनकी प्राथमिक सदस्यता भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के कारण रद्द की जाती है। उन्हें भी अगले 6 सालों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।
इस कार्रवाई के साथ ही पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके निर्देशों के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आदेश के अनुसार, पार्टी ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अविलंब रद्द करने की अनुशंसा की है।
हालांकि, यह विधानसभा सदस्यता रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं है। पार्टी की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर आगे का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रावधानों के तहत लेंगे।
अनंत सिंह के समर्थन में जदयू के पूर्व विधायक
JDU के पूर्व MLC वाल्मिकी सिंह ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को JDU से निकाले जाने पर कहा कि जो दो चार लोग पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, वे पार्टी को डुबाने में लगे हैं। JDU में जो लोग नीतीश कुमार के समर्थक हैं और चाहते हैं कि निशांत कुमार आगे बढ़ें, उनके समर्थकों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। यह कार्रवाई गलत हुई है। ये नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने हमेशा नीतीश कुमार और निशांत कुमार का नाम लिया।
अनंत ने कहा था- हम ललन सिंह को नहीं जानते
एक दिन पहले यानी शुक्रवार को अनंत सिंह ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। मीडिया ने अनंत सिंह से पूछा था- ललन सिंह किसके साथ हैं। इसपर अनंत सिंह ने कहा, कौन ललन सिंह की बात कर रहे हैं ? बिहार में 100 ललन सिंह हैं। हम उनको नहीं जानते हैं।
मैं नीतीश कुमार और पार्टी को अपना भगवान मानता हूं। हम कहीं रहेंगे नीतीश जी को मानते रहेंगे। सरकार के विरोध में चल रहे हैं, पुलिस कहीं-कहीं जुर्माना किया है। उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

