राहुल गांधी को अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
आरोप है कि राहुल ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है।’
फैसले के बाद कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर डांस किया, आतिशबाजी की और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए।
इससे पहले, सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल के काफिले की 5 गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इनमें एक एंबुलेंस भी थी। हादसे में राहुल सुरक्षित हैं।
कोर्ट ने 16 मिनट में फैसला सुनाया, भाजपा नेता को फटकारा
राहुल गांधी सुल्तानपुर की विशेष MP/MLA कोर्ट सुबह 11.12 बजे पहुंचे। कोर्ट रूम में 11.16 बजे दाखिल हुए। 11.35 बजे कोर्ट से बाहर आ गए। कोर्ट ने 16 मिनट में फैसला सुनाया। जज ने भाजपा नेता को फटकार भी लगाई।
जज ने कहा- झूठी वाहवाही पाने के लिए इस तरह के मुकदमे दायर नहीं करने चाहिए। ऐसे मामलों से अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है। मामले दायर करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। बिना ठोस आधार के मुकदमा नहीं करना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) शुभम वर्मा की कोर्ट में राहुल की तरफ से वरिष्ठ वकील आरएस चीमा और काशी शुक्ला ने दलीलें दीं। जबकि, भाजपा नेता की तरफ से संतोष कुमार पांडे ने पैरवी की।
मोदी सरनेम मामले में हुई थी सजा
2019 में कर्नाटक के कोलार में चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है’ टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर दर्ज मानहानि मामले में गुजरात की अदालत ने 2023 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी।
उस समय राहुल गांधी वायनाड से सांसद थे। सजा के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी, जिससे उनकी संसद सदस्यता बहाल हो सकी।
विजय मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के फैसले की कॉपी का इंतजार है। वकीलों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे। कानूनी राय के आधार पर आगे ऊपरी कोर्ट में अपील दायर करेंगे।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा- राहुल गांधी झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। कोर्ट से बरी होने पर हम न्यायपालिका का धन्यवाद करते हैं।
पूर्व कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि भाजपा के लोगों ने राहुल को 8 साल तक परेशान किया। आज उन्हें न्याय मिला है। उनकी जीत का सिलसिला शुरू हुआ है।
राहुल गांधी के वकील काशी शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस सांसद के खिलाफ मामला साबित नहीं हो पाया। न कोई ठोस सबूत पेश किया गया। इसी आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।
राहुल गांधी के केस में कोर्ट ने 49 पेज का जजमेंट दिया है। कांग्रेस सांसद को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि टिप्पणियां मानहानिपूर्ण नहीं थीं।
सुल्तानपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट के जज शुभम वर्मा ने राहुल गांधी को बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। कांग्रेसी दीवानी कोर्ट के बाहर ढोल बजाकर नाचने लगे और फैसले पर खुशी जताई।
राहुल गांधी के कोर्ट में प्रवेश करने के बाद सुल्तानपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट रूम का दरवाजा बंद करा दिया गया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

