दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत से पहले ही हवा में प्रदूषण दस्तक दे देता है, जिससे फेफड़ों के बाद सबसे ज्यादा नुकसान हमारी त्वचा को होता है। उसमें भी चेहरा की त्वचा इस मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील होती है। ऐसे में सवाल यह है कि हम अपने खानपान में बदलाव करने और मास्क लगाने के साथ ही स्किनकेयर में किस तरह की बदलाव करें, जिससे त्वचा सुरक्षित रह पाए।
शाम के समय अच्छे से क्लेंजिंग करें
क्लेंजिंग प्रदूषण में एंटी-पलूशन डिफेन्स के तौर पर काम करती है, जो सबसे असरदार साबित हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि घर आने के बाद सबसे पहले डीप फेस क्लेंजिंग की जाए। ध्यान रहे कि शुरुआत आपको ऑयल बेस्ड क्लेंजर से करनी है, उसके बाद फोमिंग या जेल बेस्ड क्लेंजिंग करें।
मॉइश्चराइजर से स्किन बैरियर को मजबूर करें
हम अक्सर प्रदूषण और गलत क्लेंजिंग से स्किन बैरियर कमजोर कर देते हैं। यही वजह है कि हमारी स्किन पहले से ज्यादा सेंसिटिव और ड्राई हो जाती है। जबकि यही बैरियर एक शील्ड की तरह स्किन पर काम करता है। ऐसे में जरूरी है कि स्किनकेयर में एक अच्छा मॉइश्चराइजर शामिल किया जाए जिसमें सेरामाइड्स, हाइलूरोनिक एसिड और शिया बटर जैसे इंग्रेडिएंट्स शामिल हो।
ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन सबसे जरूरी
अब आपको लग सकता होगा कि सर्दियां आ गई हैं, इसमें सनसक्रीन का क्या काम? तो जान लीजिए कि धूप की हानिकारक यूवी रेज और प्रदूषण दोनों से फोटो पलूशन निकलता है, जो त्वचा के लिए बेहद नुकसानदायक है। इससे बचने के लिए 30 या उससे ज्यादा की एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।
हफ्ते में एक से दो बार स्क्रबिंग
त्वचा संवेदनशील और मुहांसों वाली हो तो हफ्ते में एक बार और वैसे दो बार स्क्रबिंग की आदत बनाएं। यह तरीका डेड स्किन को निकालने और प्रदूषण से जमा गंदगी को गहराई से हटाने में मदद करेगा।
चेहरा कवर करके रखें
इन सभी स्किन केयर से जुड़ी बातों को अपनाने के साथ ही चेहरे को धूल-मिट्टी और धूप से बचाने के लिए अपने चेहरे को जितना हो सके कपड़े से कवर करके ही रखें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

