भारत में अवैध तरीके से विदेशी युवतियों को दाखिल कराने वाले नेटवर्क की जांच में घुसपैठ के नए रास्ते और संपर्क सामने आए हैं। आरोपित मोहम्मद हसन से पूछताछ में पता चला कि बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ने के बाद नेटवर्क ने म्यांमार से सटे मणिपुर और मिजोरम के पहाड़ी क्षेत्रों से घुसपैठ शुरू कर दी है।
दरअसल, ग्वालियर जीआरपी ने रविवार को म्यांमार मूल की चार युवतियों सहित छह लोगों को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया था।
जांच में पता चला कि गिरोह पहले भी तीन विदेशी युवतियों को भारत में ला चुका है। सीमा पार कराने के बाद उन्हें अलग-अलग शहरों में भेजा जाता था। वहां घरेलू काम, विवाह या स्थानीय लोगों के संपर्क के जरिये उनके रहने की व्यवस्था कराने का संदेह है।
एजेंसियों को संदेह है कि यूएचआईडी कार्ड समेत अन्य कागजात के सहारे कुछ युवतियों को स्थानीय निवासी के तौर पर स्थापित करने का प्रयास भी किया गया।
दो युवतियों के रोहिंग्या होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि दस्तावेजों के परीक्षण के बाद होगी।
जीआरपी द्वारा पकड़ी गई युवतियों से संबंधित दस्तावेजों, उनके मूल पते और परिजनों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। -अंकित जायसवाल, एसपी रेल

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

