प्राथमिक उपचार के बाद उसे रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसडीओपी विनय साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। संदेह के आधार पर यश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें साजिश का राजफाश हुआ।