SIR यानी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर जारी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर पर बड़े विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को हालिया प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक करते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो पुराना है और इसे हाल की घटना के रूप में पेश किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो जंतर-मंतर पर हुए किसी पुराने कार्यक्रम का आर्काइव फुटेज है। पुलिस ने उस दावे को खारिज किया है, जिसमें वीडियो को मौजूदा समय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन का बताया जा रहा था। पुलिस ने लोगों से भ्रामक सामग्री साझा करने से बचने की अपील भी की है।
वायरल वीडियो को कई सोशल मीडिया अकाउंट्स से शेयर किया गया था। इनमें शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का अकाउंट भी शामिल था। पोस्ट में वीडियो को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से जोड़कर दावा किया गया था। इसके बाद नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने सोशल मीडिया पोस्ट को टैग करते हुए वीडियो की वास्तविकता स्पष्ट की।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को वर्तमान घटना से जोड़ना सही नहीं है।
हालांकि, SIR को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर वास्तविक प्रदर्शन भी हुआ था। 25 सितंबर को विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध जताया था। मौके पर पुलिस की तैनाती और बैरिकेडिंग भी की गई थी।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और हालिया प्रदर्शन को एक ही घटना मानना सही नहीं है। दिल्ली पुलिस के फैक्ट चेक के मुताबिक वायरल वीडियो पुराना है, जबकि 25 सितंबर को जंतर-मंतर पर अलग से वास्तविक प्रदर्शन हुआ था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

