जर्मनी से पहुंचे हथियार, तरनतारन में टेस्टिंग; जानकीदास हत्याकांड में बड़ा खुलासा

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जर्मनी में बैठे सप्लायर के जरिये पहुंचे हथियार, तरनतारन में टेस्टिंग; चंडीगढ़ के जानकीदास हत्याकांड में खुलासा

चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉप के कैशियर जानकीदास हत्याकांड की जांच में हथियारों की सप्लाई को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट में हत्या की साजिश से लेकर हथियारों की सप्लाई और शूटरों के चंडीगढ़ पहुंचने तक की पूरी कड़ी का उल्लेख किया गया है।

चार्जशीट के मुताबिक हत्या की साजिश विदेश में बैठे राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों से जुड़ी बताई गई है। शूटर सन्नी मेहरा और अमित उर्फ शराबी को तरनतारन में हथियार उपलब्ध कराए गए थे। जांच में जर्मनी में मौजूद सुमन नाम के एक व्यक्ति का भी नाम सामने आया है, जिसे पुलिस ने ड्रग्स और हथियारों का सप्लायर बताया है।

पुलिस के अनुसार, जर्मनी से सुमन ने तरनतारन निवासी आकाश उर्फ मनी तक ऑटोमेटिक पिस्टल समेत कई हथियार और ड्रग्स पहुंचाए। इसके बाद आकाश के जरिए ये हथियार चंडीगढ़ में वारदात को अंजाम देने के लिए भेजे गए शूटरों तक पहुंचे। इनमें तुर्की मेड जिगाना पिस्टल और .30 बोर की पिस्टल शामिल थी।

तरनतारन में हुई हथियारों की टेस्ट फायरिंग

चार्जशीट में बताया गया है कि हथियार मिलने के बाद तरनतारन में उनकी टेस्ट फायरिंग भी की गई। पुलिस के मुताबिक बादशाह उर्फ खान के घर पर हथियारों का परीक्षण किया गया था। इसके बाद शूटरों को हथियारों के साथ 50 हजार रुपये भी दिए गए।

जांच के अनुसार, आकाश और सचिन 9 जून 2026 को हथियार लेकर तरनतारन पहुंचे थे। वहां हथियार बादशाह उर्फ खान तक पहुंचाए गए। उसी रात खान के घर पर टेस्ट फायरिंग की गई। इसके बाद शूटर अगले दिन टैक्सी से चंडीगढ़ पहुंचे और 13 जून को सेक्टर-11 में वारदात को अंजाम दिया।

जेल में बंद आरोपी से मिला था हत्या का टारगेट

पुलिस के मुताबिक मुख्य शूटर सन्नी मेहरा के बयान में सामने आया कि वारदात से पहले उसे और अमित को जेल में बंद रोहित उर्फ मक्खन के जरिए चंडीगढ़ में एक काम दिए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्हें विदेश में बैठे गोल्डी ढिल्लों की ओर से निर्देश मिलने लगे।

13 जून को सन्नी और अमित सेक्टर-11 पहुंचे, जबकि उनका एक साथी बाइक लेकर बाहर इंतजार कर रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों को कुमार ब्रदर्स की दुकान से जुड़े व्यक्ति को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पहचान में कथित चूक के कारण कैश काउंटर पर बैठे जानकीदास को गोली मार दी गई। इस मामले में चार्जशीट के बाद भी लक्ष्य की पहचान को लेकर कुछ सवाल उठे हैं।

वारदात के बाद आरोपी दिल्ली होते हुए जम्मू की ओर भागे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब चार्जशीट में विदेश से हथियारों की सप्लाई, तरनतारन में टेस्टिंग और चंडीगढ़ में हत्या तक की पूरी कड़ी सामने आने के बाद मामले की जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी प्रमुख हिस्सा बन गया है।

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