बच्चों में नशे पर CJI सूर्यकांत की चिंता, बोले- सुरक्षित भविष्य जरूरी
बच्चों में नशे पर CJI सूर्यकांत की चिंता, बोले- सुरक्षित भविष्य जरूरी; राज्यपाल ने बताया पुनर्वास का रास्ता
नई दिल्ली। बच्चों और युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना समाज और व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। नशे की लत से प्रभावित बच्चों को इससे बाहर निकालने और उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास जरूरी हैं।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए केवल कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए परिवार, समाज और संबंधित संस्थाओं की भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पुनर्वास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना अहम है।
नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित बच्चों और युवाओं के लिए उपचार एवं पुनर्वास की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर सहायता मिलने से नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकती है।
इस दौरान बच्चों को नशे से बचाने, उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई गई।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

