Make in India के 12 साल: मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में भारत की बड़ी छलांग
Make in India के 12 साल, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बड़ा बदलाव
भारत में Make in India पहल को शुरू हुए 12 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान देश के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से विस्तार देखने को मिला है।
मोबाइल फोन उत्पादन के मामले में भारत ने अपनी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को काफी बढ़ाया है। देश में अब बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सप्लाई चेन और रोजगार के अवसरों में भी विस्तार हुआ है।
सरकार की ओर से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन यानी PLI योजना समेत कई नीतियों के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
Make in India के 12 साल पूरे होने के मौके पर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की प्रगति को देश के विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में भारत की नजर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात को और बढ़ाने पर है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

